जागरण संवाददाता, राउरकेला : रिलायबल हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राईवेट लिमिटेड व व‌र्ल्ड ¨लक कार्पोरेशन को अनैतिक लाभ पहुंचाने के मामले में सीबीआइ की कार्रवाई के दौरान ही राउरकेला इस्पात संयंत्र का एक करोड़ों का ठेका रिलायबल कंपनी को मिल गया था। इस ¨बदु पर जांच अधिकारियों की निगाहें अटक गई थी।

गहराई से जांच करने पर पता चला कि दरअसल यह ठेका रीटेंडर कर रिलायबल को दिया गया था। इसमें डीजीएम राजीवरंजन की भूमिका पाई गई थी।

जानकारी के मुताबिक राउरकेला इस्पात संयंत्र के ओवन मशीन व कोक ड्राइ कू¨लग प्लांट(सीडीसीपी) के वार्षिक मैंटेनेंस का यह ठेका रिलायबल को काफी ऊंची बोली पर मिला था। जिसके बाद सीबीआइ की जांच टीम का ध्यान इस ओर गया था।

राजीव रंजन के शुक्रवार को कोलकाता से लौटने के बाद देर रात तक सीबीआइ की टीम ने उनके घर में जांच की। उनसे घंटों पूछताछ भी की गई। जिसमें रिलायबल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ उनके संपर्क पर बारीकी से पूछताछ हुई।

सीबीआइ सूत्रों के अनुसार इडी व‌र्क्स बीपी वर्मा के तकनीकी सलाहकार रहते हुए कई कार्य पर सीबीआइ ने उनसे पूछताछ की है। कुछ साक्ष्य भी संग्रह किए गए हैं जिसके बारे में सीबीआइ की जांच टीम ने फिलहाल कुछ भी साझा करने से इंकार कर दिया।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस