जागरण संवाददाता, राउरकेला : समाज व संस्कृति के लिए उत्पन्न खतरे को देखते हुए हमें इसकी सुरक्षा के लिए संकल्प लेने का समय आ गया है। सेक्टर-1 संघ शाखा के वाíषकोत्सव में मुख्य अतिथि बाजी राउत शिक्षा निकेतन की शिक्षिका व सामाजिक कार्यकर्ता सरस्वती सिंह ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि एक समय था कि भारत विश्व गुरु था और पूरी दुनिया इससे प्रेरणा लेती थी पर अब भारतीय संस्कृति अपनी पहचान खोने लगी है। हमारी संस्कृति पर घोर संकट आने वाला है। अनेक शक्तियां इसे नष्ट करने के लिए काम कर रही हैं। इसकी सुरक्षा के लिए स्वयंसहायक के रूप में काम करने पर उन्होंने जोर दिया।

मुख्य वक्ता माधव नगर के कार्यवाह करुणाकर पाटसानी ने कहा कि भारत केवल भूखंड नहीं है बल्कि यह जीवित प्रतिमा भी है। प्रताड़ित मां भारती के आंखों के आंसू पोंछना पड़ेगा और यही स्वयंसेवक संघ का लक्ष्य भी है। भारत माता की संतान के रूप में सभी को तन मन व धन से कार्य करने का समय आ गया है। कार्यक्रम में नगर कार्यवाह गगन बेहरा भी मौजूद थे। इससे पूर्व पथ संचलन किया गया जिसमें स्वयंसेवकों ने सेक्टर-1 मैदान से निकल कर क्षेत्र का भ्रमण किया। इस मौके पर स्वयंसेवकों के द्वारा शारीरिक प्रदर्शन, सूर्य नमस्कार, आसन, योग व्यायाम, सामूहिक समता आदि का प्रदर्शन किया गया। मित्रभानु मुंडा ने वाíषक विवरण पढ़ा जबकि दिलीप भाई एवं विक्रम भाई के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। शाखा शिक्षक कुमार रामतीर्थ माझी ने इसका संचालन किया। इसमें हरेकृष्ण माझी, चंदन सामंत सिंहार, जूलू भाइ, मित्रभानू, सिद्धार्थ समेत अन्य लोगों ने अहम भूमिका निभायी।

Posted By: Jagran

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