जागरण संवाददाता, राउरकेला : कोविड-19 महामारी के कारण राज्य के सभी आंगनवाड़ी केंद्र 31 अगस्त तक बंद कर दिए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती और प्रसूति महिलाओं तथा बच्चों के लिए कार्यान्वित की जा रही एकीकृत बाल विकास योजना के तहत अतिरिक्त पोषण कार्यक्रम बाधित न हो, इसके प्रति विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रत्येक माह की पहली तारीख को केंद्रों में लाभार्थियों को दिया जाने वाला सूखा राशन को उनके घर तक पहुंचा रही हैं। इसी क्रम में अगस्त महीने का सूखा राशन लाभार्थियों के घर जाकर प्रदान किया गया। विभाग के अनुसार, कोविड नियमों का पालन करते हुए यह कार्य किया जा रहा है। कोरोना के चलते ओडिशा लौट चुके प्रवासी लाभार्थियों को भी सूखा राशन प्रदान किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ग्रामांचल सहित क्षेत्र में बने टीएमसी में रहने वाली पात्र महिलाओं और बच्चों को भी सूखा राशन प्रदान किया। आंगनबाड़ी केंद्र में 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को पका खाना के बजाय उनके घरों में सूखा राशन दिया जा रहा है। इसमें आयु के अनुरूप सत्तू, छोला और लड्डू का अनुपात होता है। बच्चों को पका हुआ भोजन के बजाय चावल, दाल, तेल, अंडे और सब्जियां दी जा रही हैं।

Posted By: Jagran

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