जागरण संवाददाता, राउरकेला : सुंदरगढ़ जिले में जहां कोरोना संक्रमण दर घटी है। वहीं, इससे संबंधित जटिलताएं भी कम हुई है। जिले के कोविड अस्पतालों के 1070 बेड में मई महीने में 20 प्रतिशत बेड खाली थे जबकि जून आते-आते 85 प्रतिशत से अधिक बेड खाली हैं। संक्रमित लोगों को अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ रही है एवं घरों में ही होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे हैं। इस वर्ष अप्रैल महीने में दूसरी लहर में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण से बढ़ी चिता अब कम हो गई है।

सुंदरगढ़ जिले के पांच कोविड अस्पतालों में कुल 1070 आइसीयू, जनरल बेड की व्यवस्था है। इनमें हाइटेक कोविड अस्पताल में 210 बेड, आइजीएच में 100, शांति मेमोरियल कोविड अस्पताल में 140, जयप्रकाश कोविड अस्पताल में 200, सुंदरगढ़ एनटीपीसी कोविड अस्पताल में 420 बेड हैं। करीब 21 लाख जनसंख्या वाले सुंदरगढ़ जिले में हर दिन दो हजार से अधिक संक्रमित लोगों की पहचान हो रही थी जिससे उनकी तुलना में बेड संख्या कम होने से चिता बढ़ने लगी थी। स्थिति से निपटने के लिए वर्किंग विमेंस हॉस्टल में 100 बेड, आरएसपी में 108 बेड, एनटीपीसी कैंपस में 800 बेड, बीपीयूटी में 301 बेड, माद्रीकालो भवन सुंदरगढ़ में 70 बेड, आरडीडी हाई स्कूल बणई में 40 बेड, आदर्श स्कूल राजगांगपुर में 65 बेड, टाउन हॉल बीरमित्रपुर में 45 बेड, कल्याण मंडप संकरा में 100 बेड क्षमता वाले कोविड केयर सेंटर का निर्माण किया गया था। संक्रमण दर में काफी कमी आने से बेड खाली पड़े हैं। 13 जून को 906 बेड (84.5 प्रतिशत) बेड खाली थे। वहीं 13 मई को स्थिति बिल्कुल अलग थी तब 210 (19.71 प्रतिशत) बेड ही खाली थे। एक महीने के भीतर 85 प्रतिशत से अधिक बेड के खाली होने से पता चल रहा है कि जिले में संक्रमण दर व जटिलता में कमी आने के कारण लोगों को कोविड अस्पताल आकर इलाज कराने की जरूरत नहीं पड़ रही है। 12 जून को 890 बेड खाली थे। वहीं 11 जून को 878 बेड, 8 को 841 बेड, 6 को 851 बेड, 4 को 796 बेड, 3 को 782 बेड, 2 को 764 बेड एवं एक जून को 741 बेड खाली थे जबकि 13 मई से पहले 300 बेड ही खाली रह रहे थे।

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