जागरण संवाददाता, राउरकेला : राउरकेला महानगर निगम की ओर से हर साल आवास, वाणिज्य, अस्पताल, होटल से लाखों रुपये होल्डिग टैक्स वसूला जा रहा है। क्षेत्र में 16 हजार 988 होल्डिग टैक्स देने वाले हैं। विभाग की निष्क्रियता के चलते पांच साल में केवल 28.22 करोड़ रुपये ही टैक्स वसूला गया है। प्रभावशाली लोगों का 70 लाख रुपये तक का बकाया होने के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। शहर में एक दो नहीं बल्कि कई वाणिज्य संस्था हैं जिस पर लाखों का बकाया है।

राउरकेला नगर निगम में होल्डिग टैक्स को लेकर विवाद बना हुआ है। होल्डिग टैक्स बढ़ाने के विरोध में कुछ लोगों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है और मामला लंबित है इस कारण कुछ लोगों से टैक्स वसूली नहीं हो रही है। राउरकेला नगरपालिका की ओर से वर्ष 2016-17 में 4.30 करोड़ रुपये होल्डिग टैक्स की वसूली की गई थी। जबकि वर्ष 2017-18 में पहले की तुलना में कम केवल 82 लाख रुपये वसूली की गई। 2018-19 में 4.33 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली की गई। 2019-20 में होल्डिग टैक्स वसूली में बढ़ोत्तरी हुई एवं 7.45 करोड़ की वसूली हुई। आवास से कितना एवं घरों से कितना राजस्व संग्रह किया गया, इसका अलग से आंकड़ा विभाग के पास नहीं है। शहर के कई प्रभावशाली लोगों पर विभागीय अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। शहर के सिविल टाउनशिप, राउरकेला महानगर निगम के अधिकतर बड़े संस्थानों पर टैक्स बकाया है। विभागीय अधिकारी केवल कारण बताओ नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। इससे संस्थानों के द्वारा टैक्स की चोरी की जा रही है। नगर निगम क्षेत्र के बसंती कालोनी, छेंड कालोनी, कलिग विहार, सिविल टाउनशिप समेत राउरकेला मेन रोड में आवास एवं दुकानों में हर साल होल्डिग टैक्स वसूला जा रहा है पर साल भर पहले टैक्स में बढ़ोत्तरी किए जाने के बाद इस पर विवाद बना हुआ है।

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