भुवनेश्वर, जेएनएन। पुरी श्रीमंदिर रत्न भंडार जांच के लिए 10 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में गजपति महाराज दिव्य सिंहदेव या फिर उनके प्रतिनिधि, भंडार मेकअप, पाटजोशी महापात्र, देउल करण एवं तड़उकरण केसाथ एएसआइ, कोर कमेटी एवं हाईकोर्ट के प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। यह कमेटी रत्न भंडार के अंदर की स्थिति का अनुध्यान करेगी। जांच पूरी हो जाने के बाद कमेटी श्रीमंदिर मुख्य प्रशासक को रिपोर्ट देगी।

जांच के बाद आगे का कदम उठाया जाएगा। गुरुवार को छत्तीसा निजोग की बैठक के बाद श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक प्रदीप कुमार जेना ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रत्न भंडार जांच के लिए जो जाएगा, उसके लिए त्रिस्तरीय जांच की व्यवस्था की गई है। बैठक में विरोध के चलते वीडियोग्राफी योजना को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। रत्न भंडार की स्थिति अनुध्यान करने के लिए विस्तार से चर्चा की गई है। इसके लिए कोई निश्चित तिथि तो फिलहाल तय नहीं हो सकी है, बावजूद इसके छत्तीसा निजोग ने 10 सदस्यीय कमेटी को अनुमति दी है। सरकार के साथ चर्चा कर तिथि निर्धारण होने के बाद छत्तीसा निजोग को इसकी जानकारी दी जाएगी।

प्रवेश से पहले उनकी जांच की जाएगी। सबसे पहले माजणा मंडप के पास कमेटी के सदस्यों की जांच होगी। बेहरण द्वार के पास दूसरी बार उनकी जांच होगी। अंत में रत्न भंडार के पास जांच की जाएगी। यहां पर भंडार मेकअप कमेटी के सदस्य जांच करेंगे। रिकार्ड ऑफ राइट्स के मुताबिक गजपति महाराज, भंडार मेकअप, पाटजोशी महापात्र, देउलकरण एवं तढ़उकरण रत्न भंडार में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही एएसआइ के दो सदस्य, कोर कमेटी के दो सदस्य एवं हाईकोर्ट का प्रतिनिधि भी उनके साथ अंदर प्रवेश करेंगे। जांच से पहले कमेटी के सदस्यों को लोकनाथ मंदिर में शपथ दिलाई जाएगी। शपथ के मुताबिक रत्न भंडार के अंदर अपनी आंख से जो भी देखा होगा, उसे बाहर किसी को भी नहीं बताना होगा।

Posted By: Babita