पुरी, जेएनएन। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन पवित्र स्नान से महाप्रभु जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र जी बुखार से पीड़ित होने के बाद 15 दिन तक अणसर गृह में इलाज के बाद स्वस्थ हो जाते हैं। इतने दिनों तक भक्त उनका दर्शन नहीं कर पाते। स्वस्थ होने के बाद में महाप्रभु नवयौवन वेश में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। शुक्रवार को पुरी में महाप्रभु समेत तीनों विग्रहों का  लाखों श्रद्धालुओं ने नवयौवन वेश दर्शन किया। इसके बाद शनिवार को महाप्रभुश्रीमंदिर से बाहर निकल कर अपने भक्तों को दर्शन देंगे। साथ ही स्वास्थ्य लाभ के लिए गुण्डिचा यात्रा पर अपनी मौसी के घर जाएंगे। महाप्रभु का नवयौवन वेश का दर्शन करने के लिए पुरी में लाखों की संख्या में भक्त पहुंचे और उन्होंने भगवान समेत तीनों विग्रहों का दर्शन लाभ लिया।

नवयौवन वेश दर्शन के मौके पर भक्तों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। महाप्रभु का दर्शन के लिए श्रीमंदिर के मुख्यद्वार पर भक्तों की लंबी कतार सुबह से लग गई थी। प्रशासन ने कतार में खड़े भक्तों को बारी बारी से छोड़ा ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो सके। इस मौके पर पूरा बड़दाड (मंदिर के सामने का चौड़ा मार्ग) भक्तों के समागम से पट गया था। चारों ओर ‘जय जगन्नाथ नयन पथ गामी भव तुमे...’ का नारा गुंजयमान हो रहा था। भक्तों के मन में एक ही लालसा किस प्रकार से अपने महाप्रभु की एक झलक देखने को उन्हें मिल जाए।

हालांकि प्रशासन की तरफ से भक्तों की भीड़ एवं व्यवस्थित दर्शन करने के लिए बैरिकेड का निर्माण किया गया, जिससे एक तरफ से भक्त जा रहे थे तो दूसरी तरफ से महाप्रभु के दर्शन करते हुए बाहर निकल रहे थे। मौसम ने भी श्रद्धालुओं का पूरा साथ दिया।

रथयात्रा पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध

वहीं शनिवार को रथयात्रा गुण्डिचा यात्रा के दौरान श्रीमंदिर व आसपास के क्षेत्रों में लाखों की संख्या में भक्तों के समागम को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 145 प्लाटून पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। पुलिस डीजी डा.राजेन्द्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि रथयात्रा संचालन की जिम्मेदारी एडीजी सत्यजीत महांती को दी गई है। रथयात्रा के समय एक हजार से अधिक पुलिस अधिकारी, दो हजार होमगार्ड, दो कंपनी रैपिड ऐक्शन

फोर्स, दो कंपनी राज्य स्वीफ्ट एक्सन फोर्स, दो यूनिट एसओजी, एक यूनिट एनडीआरएफ, दो यूनिट ओड्राफ टीम सुरक्षा व्यवस्था में नियोजित कर दी गई हैं। यातायात नियंत्रण, कर्डन संचालन, श्रीमंदिर के बाहर एवं अंदर भीड़ नियंत्रण के लिए आइजी स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं। 

 

Posted By: Babita