भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। महानदी, कुआखाई, काठजोड़ी के साथ राज्य के 20 से अधिक नदियों का पानी जहरीला हो गया है। इन नदियों के जल को कोई प्रयोग कर रहा है तो उसे सतर्क रहना चाहिए। अन्यथा उसे कई प्रकार के चर्म रोग एवं अन्य बीमारियों से लडऩे के लिए तैयार रहना होगा। राज्य की 20 नदियों का जल तो बिल्कुल ही प्रयोग करने के लायक नहीं है। इन नदियों का पानी पीना तो दूर नहाने में भी खतरा है। इन नदियों के पानी को बीना फिल्टर किए हुए पीते है तो डायरिया, किडनी एवं लीवर भी खराब हो सकता है। इतना ही नहीं इन नदियों की मछली खाना भी खतरे से खाली नहीं है। यह जानकारी जल आपूर्ति विभाग ने एक रिपोर्ट जारी कर दिया है।

 

विधानसभा में मंगलवार को कैलाश कुलेसिका के एकप्रश्न का लिखित जबाव देते हुए राज्य जंगल एवं पर्यावरण मंत्री विजयश्री राउतराय ने उपरोक्त जानकारी दी है। मंत्री ने कहा कि राज्य में प्रवाहित होने वाली मुख्य रूप से 11 नदी एवं उसका शाखा नदियों के 129 जगहों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड परीक्षण किया है। परीक्षण के बाद यह तथ्य सामने आया है। विशेष कर महानदी के 7 जगहों पर जल प्रदूषित होने एवं पीने के लिए अनुपयुक्त होने की बात रिपोर्ट में  उल्लेख किया गया है।

 

अन्य प्रमुख नदियों में ब्राह्मणी में 14 जगहों पर जल प्रदूषित हो जाने की बात पता चली है। उसी तरह काठजोड़ी, कुआखाई, गंगुआ, खरस्नोता, बिरुपा, कुशभद्रा, कोयल, लूना, भार्गवी एवं दया नदी के जल कई जगहों पर प्रदूषित होने की बात रिपोर्ट में उल्लेख की गई है। इनमें गंगुआ नदी का जल सबसे अधिक प्रदूषित है जबकि दया एवं कुआखाई नदी की स्थिति गंभीर है। 

 

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Posted By: Babita Kashyap