पुरी, जागरण संवाददाता :

शरधाबाली में मुक्ताकाश रंगमंच पर चल रहे श्रीक्षेत्र के पारंपरिक लोकनृत्य और पुराने समर कला के श्रीक्षेत्र महोत्सव चौथे दिन में पहुंचा है। समरकला के साथ आदिवासी लोकनृत्य दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। एडवोकेट पूर्णचन्द्र महापात्र, कृष्ण चन्द्र पण्डा, विश्वनाथ दासमहापात्र, समाजसेवी तथा उद्योगपति नारायण पात्र, जिला संस्कृति अधिकारी प्रफुल्ल कुमार सामन्तराय, जिला खेल अधिकारी रवीन्द्र नाथ सेनापति प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे। दोलमण्डप साही अखाड़ा के उस्ताद कृष्ण चन्द्र तिआडी, भीमसेन पृष्टि, गुरु रघुनाथ पात्र के बाना पट्टा प्रदर्शन से आरंभ हुआ चतुर्थ शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम। बाद में छड़ी और सामरिक खेल प्रदर्शित किया गया। गुरु श्रीधर सामन्तराय, भगवान पण्डा, केलूचरण बेहेरा, भीमसेन रणा प्रमुख समरकला प्रदर्शन में सहयोग किए। अगला कार्यक्रम ढेमसा लोकनृत्य रहा। कोरापुट से आए आदिवासी नर्तकियों ने ढेमसा नृत्य परिवेषण किए। कुमार कवि कला विकास केंद्र की तरफ से परिवेषण किया गया था जोग नृत्य। कार्यक्रम का संयोजन डा. श्रीनिवास आचार्य ने की।

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