पुरी : पवित्र कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रीमदिर में श्रीजीओ के प्रसिद्ध राजराजेश्वर या सोने का वेश संपन्न हो गया है। पंचक के अंतिम दिवस में महाप्रभु के इस मनोरम वेश दर्शन के लिए श्रीमंदिर करीबन 4 लाख भक्तों का समागम हुआ था। पुष्पालक सेवकों ने अवकाश नीति के बाद दारू विग्रहों को इस वेश में सजाए थे। महाप्रभु विभिन्न सोने के आभूषण में सज्जिात हुए थे। इस वेश में रहते हुए महाप्रभु को गोपाल बल्लभ, सकाल धूप, बाल धूप आदि नीति सम्पन्न की गई। गौरतलब है कि अतीत में ओडिशा के कई राजा, जमीदार और सामन्तों ने श्री विग्रहों के राजराजेश्वर वेश का दर्शन करते हुए परम संतोष लाभ करने के साथ महाप्रभु को विभिन्न रत्न अलंकार दान करते थे। महाप्रभु के इस वेश दर्शन के लिए श्रीमंदिर के अन्दर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मंदिर के बाहर भी बैरिकेड की व्यवस्था की गई थी। काफी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था।

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