जागरण संवाददाता, पुरी :

बीते 16 दिन पहले कणास गोष्ठी स्वास्थ्य केन्द्र की 34 वर्षीय महिला आयुर्वेदिक डाक्टर माधवी प्रधान के अपहरण मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुरी के एसपी द्वारा उनके मोबाइल नंबर की ट्रेकिंग कर उन्हें खोजने के लिए पुलिस टीम गठित करने के बाद रेलवे पुलिस ने दावा किया कि उक्त महिला डाक्टर की मौत हो गई और उनके शव को गाड़ दिया गया है। इसका फोटो भी मृत महिला डाक्टर के परिजनों को दे दिया गया है।

रेलवे पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मालती पाटपुर स्टेशन के निकट महिला डाक्टर माधवी प्रधान की लाश 12 अक्टूबर को रेल पटरी पर मिली थी। हालांकि मृतका की शिनाख्त नहीं होने व लाश का दावेदार न मिलने के कारण शव को पोस्टमार्टम के बाद जमीन में गाड़ दिया गया था। जबकि डाक्टर माधवी के परिजन रेलवे पुलिस के दावे को मानने को तैयार नहींहैं। उन्हें माधवी की हत्या के पीछे कोई रहस्य नजर आ रहा है। परिजनों को शक है कि डाक्टर माधवी से बलात्कार के बाद उनकी हत्या कर शव रेल पटरी पर फेंक दिया गया। कुम्हारपाड़ा थाने में डाक्टर माधवी के अपहरण की एफआइआर उनके भाई नीलकंठ प्रधान ने दर्ज कराई थी। कुम्हारपाड़ा थाने द्वारा मामले में ध्यान नहीं देने की शिकायत जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की गई थी। डा. माधवी का घर ब्रह्मंागिरी थाना के मधुरा गांव में है। पहले वे कृष्ण प्रसाद एवं ब्रह्मंागिरी अस्पताल में काम करती थी। इसके बाद उनका तबादला कणास सीएचसी में कर दिया गया था। डा. माधवी अविवाहित थी। उनके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी थी। इसी कारण उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता था। इसके बावजूद उनका बार-बार तबादला किया जाना भी जांच का विषय हो सकता है।

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