जागरण संवाददाता, पुरी :

पिपिली में पुलिस सत्तारूढ़ दल के साथ है। इसका सबूत मिला 12 अक्टूबर को। उस दिन बीजद जनसंपर्क यात्रा निकलने के समय कांग्रेस व बीजद कर्मियों के बीच हुई हाथापाई मामले में कुछ लोगों को तो पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, मगर मुख्य अभियुक्तों को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस घटना को लेकर पिपिली के विधायक तथा पूर्व मंत्री प्रदीप महारथी को सैकड़ों समर्थकों के साथ आत्मसमर्पण के लिए पिपिली थाना जाते समय पुलिस द्वारा लौटा देना और जांच में उनसे सहयोग मांगना चर्चा का विषय बन गया है।

उल्लेखनीय है कि 19 अक्टूबर को पूर्व मंत्री व विधायक प्रदीप महारथी अपने कुछ समर्थकों के साथ थाना गए थे। पहले पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने को कही थी, लेकिन बाद में केवल उनसे बातचीत कर थाने से ही लौटा दिया। थाने पर पिपिली तहसीलदार अवनीकात पटनायक, अतिरिक्त एसपी बसंत कुमार गोछायत, पिपिली एसडीपीओ राजेन्द्र राउत ने विधायक महारथी के साथ बातचीत की थी। गौरतलब है कि बीजद की जनसंपर्क यात्रा के अंतिम दिन बीते 12 अक्टूबर को पिपिली में कांग्रेस-बीजद कर्मियों में हाथापाई व बमबाजी हुई थी। कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के पंडाल को कुछ बीजद कार्यकर्ताओं ने तोड़ने के साथ कांग्रेसियों के कपड़े फाड़ दिए थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध करने पर यह सबकुछ हुआ था। हाट चौक पर बमबाजी भी हुई थी। इसका समाधान करने के लिए पूर्व विधायक यूधिष्ठिर सामंतराय के भाई धीरेंद्र सामंतराय पर जाते समय हमला किया गया था। इसके विरोध में कांग्रेस की तरफ से पुरी भुवनेश्वर 203 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया गया था। फिर बीजद भी आंदोलन करने उतरा था। दोनों दलों की तरफ से 5 मामले दायर किए गए थे। पुलिस ने इस घटना में सात युवकों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि बीजद के समर्थकों को पुलिस गिरफ्तार नहींकर रही है। राजनैतिक प्रभाव से अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में पुलिस डर रही है।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर