पुरी, जागरण संवाददाता : राज्य स्तरीय प्रमुख अनुष्ठान सुधा की तरफ से अन्नपूर्णा रंगमंच में नृत्य नाटिका तपस्विनी और नाटक रेवती का मंचन किया गया। करुणा रस पर आधारित स्वभाव कवि गंगाधर मेहेर द्वारा रचित तपस्विनी राजा राम जैसी राज धर्म पालन करने के लिए सीता सती को निर्वासित किए थे और वनवास को पति-हित-साधिकी तपस्या में रुपान्तरित कर सती सीता कैसे तपस्विनी वेश में दिन काट रही थी, नृत्य नाटिका तपस्विनी के जरिए सुधा के कलाकारों ने अनोखे ढंग से दर्शकों के सामने पेश किया। सुधा कलाकारों द्वारा प्रदर्शित महिला शिक्षा और सामाजिक अधिकार एवं उनके प्रति रहे संकीर्ण मनोभाव पर आधारित फकीर मोहन सेनापति द्वारा रचित नाटक रेवती दर्शकों को खूब पसंद आया। शुभश्री जयसिंह, तपस्विनी घटुआरी, मृपालिन दास, अन्नपूर्णा प्रतिहारी, इतिश्री जेनामणि, प्रतिभा दास, प्रियंका प्रियदर्शनी दास, मीता बारिक, रोनाली गिरी, सौम्याराणी बेहेरा, चंदन कुमार जेना प्रमुख कलाकारों ने अंश ग्रहण करते हुए अपने अभिनय के जरिए उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम को संस्थान के अध्यक्ष संजय कुमार मिश्र ने परिचालन किया। कार्यक्रम के अन्त में अतिथियों ने अपने मतदान पूर्वक अनुष्ठान के सकारात्मक कार्यक्रम समाज में सांस्कृतिक, ऐतिह्यं, एकता, शांति और मैत्री स्थापित करने में विशेष रूप से सहायक होने का मत दिया।

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