पुरी : बैशाख शुक्ल चतुर्दशी के तिथि में श्रीमंदिर में पारंपरिक विधि विधान के अनुसार महाप्रभु नृसिंह जन्म नीति सम्पन्न हुई है। चलंति प्रतिमा मदन मोहन, रामकृष्ण, लक्ष्मी, सरस्वती चन्दन यात्रा को विजे किए थे। इसके बाद मध्याह्नं धूप सम्पन्न हुआ था। चन्दन यात्रा से लौटने के बाद आरती किया गया। महाप्रभु श्री जगन्नाथ, बलभद्र, देवी सुभद्रा को महास्नान के बाद नया कपड़ा अलंकार लागी किया गया। इसके बाद संपन्न हुआ संध्या धूप। नृसिंह महाप्रभु को मुक्ति मण्डप के ऊपर विराजमान किया गया था। नृसिंह मंदिर में पति महापात्र, महास्नान पूजा में बैठने के समय पूजा पण्डा विजय नृसिंह को महास्नान पूजा किए थे। महास्नान पूजा के बाद अभय नृसिंह के पास पंच उपचार में शीतल भोग पूजा किया गया। वंदापना के बाद विमानबड़ु सेवकों ने नृसिंह महाप्रभु को विमान में बिठाकर जगन्नाथ बल्लभ मठ को लिए थे। वहां भोग, वंदापना किया गया। बाद में महाप्रभु श्रीमंदिर को लौटे थे। नृसिंह चतुर्दशी के अवसर पर शहर के विभिन्न नृसिंह मंदिर और जागा अखाड़ा में पारंपरिक रीति में नृसिंह जन्म नीति संपन्न हुई थी।

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