जागरण संवाददाता, पुरी : श्रीमंदिर एवं विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के दौरान आतंकवादी हमले की सूचना बार-बार मिलने के बावजूद मंदिर में सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं, जो लाखों श्रद्धालुओं की चिंता का विषय बना हुआ है।

बारबार धमकी के बावजूद सरकार और अधिकारी केवल मंदिर की सुरक्षा के लिए ब्लू प्रिंट बना रहे हैं। जब भी कोई आतंकवादी हमले की सूचना मिलती है, तो सुरक्षा व्यवस्था को उस समय कड़ी कर दी जाती है। बाद में पूर्व स्थिति बन जाती है।

रविवार को श्रीमंदिर और आने वाली रथयात्रा आतंकवादियों के टारगेट रहने की खबर फैलने के बाद ओडिशा सरकार की नींद खुली है। षडयंत्र इंडिया मुजाहिद्दीन ने रचा है, जिसकी जड़ पाकिस्तान में है। दो आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद यह तथ्य सामने आया है। जिसमें कहा गया कि 29 जून को महाप्रभु की रथयात्रा में सीरियल बम विस्फोट करने के लिए आतंकवादियों की योजना थी। दोनों आतंकवादियों ने यह भी कहा है कि भुवनेश्वर में एक स्लीपर सेल खोला गया है और संस्था के सदस्य हर समय भुवनेश्वर आते जाते रहते हैं।

भुवनेश्वर के एक व्यक्ति के पास एक लैपटाप है, जिसमें सभी ब्लू प्रिंट मौजूद है। दिल्ली पुलिस से यह जानने के बाद केंद्रीय खुफिया विभाग ने छानबीन शुरू कर दिया है। दोनों आतंकवादियों का नाम तहसीन अख्तर एवं वाकब है। रथयात्रा के साथ बिहार के बोधगया में भी हमला के लिए इण्डियन मुजाहिदीन ब्लू प्रिंट तैयार किया है, सूचना भी पुलिस को मिली है। श्रीक्षेत्र में रथयात्रा के समय लाखों लोगों का समागम होने के कारण यदि बम विस्फोट होता हो तो काफी लोग मारे जाएंगे, जिसका प्रभाव पूरी दुनिया में पड़ेगा। इसीलिए आने वाले रथयात्रा के साथ 2015 में होने जा रही महाप्रभु के नव कलेवर को किस तरह से शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न किया जाएगा, यह राज्य सरकार के लिए चुनौती बन गया है। श्रीमंदिर के आस-पास कई असुरक्षित मकान हैं, यदि विस्फोट होगा, तो वह सब टूट जाएगा। 2012 रथयात्रा में बम विस्फोट के लश्कर तोयबा ने षडयंत्र किया था। केन्द्र खुफिया विभाग से सुरक्षा मिलने के बाद श्रीमंदिर के तारों तरफ सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी कर दिए जाने का साथ बड़दाण्ड में सीसीटीवी और सुरक्षा वाहिनी नियोजित की गई थी। इस सम्बन्ध में स्थानीय एसपी ने कहा है कि रथयात्रा में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी कर दी जाएगी। श्रीमंदिर के लिए 5 साल पहले प्रस्तुत की गई सुरक्षा मास्टर प्लान जल्द ही कार्यकारी की जाएगी। शहर के विभिन्न स्थानों में मौजूद होटलों की जांच किए जाने के साथ जल, स्थल एवं आकाश मार्ग में पुलिस पेट्रोलिंग की जाएगी। बड़दाण्ड में उच्च शक्ति सम्पन्न खुफिया कैमरा लगाकर जनसाधारण के गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा आतंकवादी आक्रमण से निपटने के लिए विशेष कमांडो और राष्ट्रीय सुरक्षा बल रथयात्रा में नियोजित किए जाएंगे। खबर के अनुसार अब पता चला है कि श्रीमंदिर की सुरक्षा व्यवस्था फाइलों में है। राज्य सरकार के शीतल भंडार में मंदिर की सुरक्षा योजना है।

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अबतक नहीं हुए गंभीर

श्रीमंदिर पर आतंकवादी हमले की संभावना के चलते पुलिस व खुफिया विभाग मिलकर 2007 में मंदिर की सुरक्षा का मास्टर प्लान तैयार किया था। जिसे अबतक कार्यकारी नहीं किया गया है। आतंकवादियों की धमकी को श्रीमंदिर के प्रशासन, पुलिस हल्के में ले रही है। श्रीमंदिर के चारों द्वार पर मेटल डिटेक्टर, अत्याधुनिक स्कैनर, उच्च शक्ति सम्पन्न कैमरा लगाने के लिए उच्च स्तरीय बैठक में निर्णय हुआ था, मगर वह फाइल में दब गया है। श्रीमंदिर के अन्दर लगाए गए सीसीटीवी अभी चल नहीं रहा है। मेघनाद पाचेरी के पास निर्माण किया गया वाच टावर का प्रयोग नहीं हो रहा है। श्रीमंदिर के चारों तरफ जबरदखल बढ़ रहा है। सालों से सुरक्षा सब कमेटी की बैठक तक नहीं हुई है। ये सभी बातें लाखों श्रद्धालुओं को चिंता में डाल दिया है।