जागरण संवाददाता, पुरी

श्रीमंदिर (श्री जगन्नाथ मंदिर) के रखरखाव व मरम्मत कार्य के प्रति बराबर ध्यान देना जरूरी है। केंद्रीय खेल एवं कला-सांस्कृतिक सचिव रवींद्र सिंह ने मंगलवार को श्रीमंदिर के संरक्षण हेतु कराए जा रहे कार्य की जांच करतेसमय अधिकारियों को यह हिदायत दी। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द एएसआइ (ऑर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया- भारतीय पुरातत्व अन्वेषण एवं अनुसंधान विभाग) की एक स्पेशल यूनिट मंदिर परिसर में स्थापित की जाएगी।

सिंह ने पुरी आगमन के बाद श्रीमंदिर में एएसआइ द्वारा कराए जा रहे रखरखाव के कामों का निरीक्षण किया। उन्होंने आधारभूत विकास के कार्यो की समीक्षा भी की। इसके बाद श्रीमंदिर कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में भाग लिया।

बैठक में उपस्थित स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने बीते 6 महीने से श्रीमंदिर के संरक्षण कार्य बंद होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि ऐसे ही कार्य होगा, तो आने वाले नव कलेवर उत्सव के पहले श्रीमंदिर में मरम्मत का काम खत्म नहींहो पाएगा। इस पर सांस्कृतिक सचिव सिंह ने कहा कि पुरी में एएसआइ का स्थाई कर्मचारी नियुक्त किया जाएगा। बैठक में प्राचीन कीर्ति निदेशक, राज्य सरकार के संस्कृति विभाग निदेशक सुशील कुमार दास, भुवनेश्वर एएसआई के सुपरिटेंडिंग आर्कोलोजिस्ट, तकनीकी कमेटी के अध्यक्ष जी.सी.मित्र, धर्म प्रसाद मिश्र, आरडीसी डा.अरविन्द पाढ़ी, जिलाधीश धीरेन पटनायक आदि उपस्थित थे। केन्द्र संस्कृति सचिव श्री सिंह ने श्रीमंदिर के संरक्षण कार्य में तेजी लाने पर चर्चा की। मरम्मत कार्य कैसे हो इस पर अन्तर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ सम्मेलन बुलाने के लिए तकनीकी कमेटी ने सुझाव दिया है। खण्डोलाई और बाली के पत्थर न मिलने से श्रीमंदिर का मरम्मत काम ठीक से नहीं हो पा रहा है। इसके साथ अच्छे कारीगरों का भी अभाव है। एएसआई की तरफ से यह जानकारी दी गई थी। श्री सिंह ने इस संबन्ध में राज्य मुख्य सचिव के साथ चर्चा करने के बाद आगे कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया है। अंत में श्री सिंह ने 2015 साल में होने वाले महाप्रभु नवकलेवर से पहले श्रीमंदिर का मरम्मत कार्य खत्म करने का आश्वासन दिए हैं।

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