पुरी, जागरण संवाददाता : 25 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा के दिन राहु ग्रस्त चन्द्रग्रहण के कारण श्रीमंदिर में विशेष नीति निर्घण्ट प्रस्तुत की गई है। इसके अनुसार 24 अप्रैल की रात 12 बजे महाप्रभु का पहुड़ होगा। रात 2 बजे दरवाजा खुलेगा और पारंपरिक नीति सम्पन्न होगी। 25 अप्रैल को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के श्रीमंदिर परिदर्शन करने का कार्यक्रम है। उस दिन महाप्रभु की नीति व्यवस्थित व सुचारू रूप से संपादन करने के लिए श्रीमंदिर प्रशासन तैयारी कर रहा है। सभी सेवायतों को इसमें सहयोग करने के लिए श्रीमंदिर प्रशासन की ओर से कहा गया है। गुरुवार शाम को श्रीमंदिर कार्यालय में आयोजित छत्तीसानिजोग बैठक में आगामी चंदन यात्रा की नीति अनुमोदित हुई है। केन्द्रांचल राजस्व आयुक्त तथा श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक डा.अरविन्द कुमार पाढ़ी की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसा निजोग बैठक में राष्ट्रपति के श्रीक्षेत्र आगमन पर विस्तृत व्यवस्था पर चर्चा की गई। सभी नीति समय के अनुसार संपादन करना और राष्ट्रपति के दर्शन के अवसर पर किसी प्रकार विश्रृृंखला न करने के लिए डा.पाढ़ी ने बैठक में कही है। इस बारे में सभी सेवायतों से सहयोग मांगा गया है। मुख्य प्रशासक ने कहा कि यदि उस दिन अधिक मात्रा में भक्त होते हैं तो पारिमाणिक टिकट दर्शन बंद कर दिया जाएगा। राष्ट्रपति तथा भक्तों के दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। महाप्रभु के दैनिक नीति संपादन के बारे में समीक्षा न होने के कारण बैठक में छत्तीसानिजोग के कार्यकर्ताओं ने दुख प्रकट किया। मुख्य प्रशासक पाढ़ी ने महाप्रभु की नीति व्यस्थित होने से सेवायतों को धन्यवाद देने के साथ हर दिन महीने में बैठक बुलाकर नीति संपादन की समीक्षा किए जाने का आश्वासन दिए हैं। श्रीमंदिर की सभी समस्या का समाधान जल्द करने, भक्तों के दर्शन की सुव्यवस्थित करने के लिए बैठक में मुख्य प्रशासक ने सूचना दिया। सेवायतों के विभिन्न समस्या के प्रति मुख्य प्रशासक का ध्यान आकर्षित किया गया। उत्तर में मुख्य प्रशासक ने कहा कि चंदन यात्रा से पहले अलग-अलग रूप से हर निजोग के साथ बैठक कर चर्चा की जाएगी।।

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