पुरी, जागरण संवाददाता :

पर्यटक एवं तीर्थ यात्रियों का मुख्य आकर्षण श्रीक्षेत्र धाम पुरी अब उचक्कों के कारण असुरक्षित हो गया है। राज्य सरकार के गृह विभाग एवं पर्यटन विभाग की लापरवाही के कारण हर दिन यहां पर्यटक व तीर्थयात्री पण्डों से लेकर आटो, टैक्सी, होटल, व्यापारियों एवं राहगीर लुटेरों का शिकार हो रहे हैं। पिछले दो दिनों के अंदर पुरी समुद्र तट पर महाराष्ट्र के पर्यटकों को जिस तरह मोती के माला बेचने वाले फेरीवालों द्वारा बुरी तरह से पीटकर घायल कर दिया गया वह पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। ट्रेन से उतरते ही भुवनेश्वर एवं पुरी रेलवे स्टेशन में मात्र 3-4 किमी. दूर होटल तक जाने के लिए भी यात्रियों से 200 -300 रुपये तक आटो एवं टैक्सी वाले ले रहे हैं। सरकार द्वारा आज तक पेड टैक्सी व्यवस्था नहीं की गई है। उल्टा आटो वाले बार-बार आंदोलन कर अपने आटो में मीटर लगे होने के बावजूद मीटर के अनुसार चलने एवं पेड आटो स्कीम को लागू करने नहीं दे रहे हैं। सीजन के समय होटलों में यात्रियों से 3 से 4 गुना तक पैसा लिया जा रहा है। समुद्र किनारे सैकड़ों की संख्या में फेरीवाले मनमाने मूल्य पर नकली सामान बेच रहे हैं। इसको लेकर यात्रियों के साथ मारपीट होती रहती है। केस के चक्कर में न पड़ने के लिए कोई भी यात्री थाना में रिपोर्ट दर्ज नहीं करता। इसका फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्यटन पुलिस व्यवस्था लागू करने की घोषणा तो कर दी लेकिन इस पर कोई अमल नहीं हुआ। इसी कारण अब पर्यटक पुरी, भुवनेश्वर एवं कोणार्क जैसे पर्यटन स्थल में आने से असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। प्रशासन व सरकार जल्द ही इस पर कार्रवाई नहीं की तो देश के प्रमुख तीर्थ स्थल श्रीक्षेत्र धाम में पर्यटकों के आगमन की संख्या काफी कम हो सकती है, जिसका सीधा प्रभाव राज्य की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है।

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