पुरी, जागरण संवाददाता :

श्रीमंदिर में श्रीजीओं के सेवा पूजा में नियोजित सेवायतों का पुरस्कार राशि को 70 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। पूजा पण्डा, सिंहारी, प्रतिहारी, मुदुली आदि विभिन्न वर्ग के 120 पालिया सेवायतों को यह बढ़ा हुआ पुरस्कार मिलेगा। श्रीजीओं की नीति सुचारू रूप से संपादन करने से सेवायतों को संचालन कमेटी बैठक में धन्यवाद के साथ इस पुरस्कार राशि को बढ़ाया गया है। इसके अलावा सेवायतों के हित के लिए बैठक में महत्व देते हुए उनके पेंशन, चिकित्सा सहायता और उनके लिए बीमा जुटाने को बैठक में आरडीसी तथा मुख्य प्रशासक डा.अरविन्द कुमार पाढ़ी ने आश्वासन दिया है। श्रीमंदिर सेवायतों के बीच इससे खुशी की लहर दौड़ गई है। ऐसी व्यवस्था से सेवायतों ने अधिक निष्ठा के साथ महाप्रभु का सेवा कार्य कर सकते हैं, यह बात कही है संचालन कमेटी के वरिष्ठ सदस्य तलुच्छ नीलकण्ठ महापात्र ने। अब सेवायत परिवारों के सामाजिक व आर्थिक सर्वे हो रहा है। सर्वे के बाद मिलने वाले तथ्य के आधार पर विभिन्न हितकर कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। गजपति महाराजा दिव्य सिंहदेव की अध्यक्षता में श्रीमंदिर संचालन कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई है। इस बैठक में कई प्रस्ताव रखे गए और निर्णय लिए गए। इस अवसर पर मुख्य प्रशासक डा. अरविन्द कुमार पाढ़ी, जिलाधीश नव कुमार नायक, एसपी अनूप कुमार साहू, देवोत्तर कमिश्नर कानून के सचिव, संचालन कमेटी के वरिष्ठ सदस्य तलुच्छ नीलकण्ठ महापात्र, सचिदानंद दास जी महाराज, रामनारायण प्रतिहारी, वकील पूर्णचन्द्र महापात्र आदि उपस्थित थे। वर्ष 2015 में महाप्रभु के नव कलेवर को ध्यान में रखते हुए बैठक में कई प्रस्ताव पास किए गए। राज्य सरकार और केंद्र सरकार को इसके लिए प्रस्ताव दिया जाएगा। जिलाधीश नायक के अध्यक्षता में एक लागत और दान सब कमेटी बनाई गई है। श्रीमंदिर के कर्पस फंड में पिछले साल 170 करोड़ रुपया जमा था, अब वह बढ़कर 202 करोड़ रुपया हो गया है। कर्पस फंड का सदुपयोग कैसे होगा, इस पर बैठक में चर्चा की गई। महाप्रभु की जितनी जमीन है, वह बीडीए के जरिए बेची जाएगी, जिसके लिए एक करारनामा हस्ताक्षर होगा। 2003 की नीति के अनुसार सभी लोगों को जमीन दे दी जाएगी। इसे सरल बनाने के लिए बैठक में प्रस्ताव रखा गया था। इसके लिए जिलाधीश हर 15 दिन के अंतराल पर बैठक करेंगे। बैठक में श्रीमंदिर के सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई थी। एसपी से इस बारे में एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट देने को कहा गया है। श्रीमंदिर के अंदर व बाहर क्लोज सर्किट कैमरा लगाने हेतु बैठक में निर्णय लिया गया है। पुरी में एक विशेष यूनिट बनाने के लिए एएसआइ अधिकारियों को कहा गया है। मंदिर के चौहद्दी में मौजूद विभिन्न पा‌र्श्व देवताओं के मंदिर, मुख्य मंदिर के कलश और सिंहद्वार गुमुट मरम्मत पर बैठक में चर्चा की गई है। नवकलेवर से पहले सभी कार्य खत्म करने के लिए सदस्यों ने सुझाव दिया है।

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