राउरकेला, जेएनएन। मेडिकल एवं डेंटल पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए शहर में हुई प्रवेश परीक्षा में नकली परीक्षार्थी पकड़े जाने के बाद इसकी परतें एक के बाद एक खुलती जा रही हैं। इसके पीछे एक रैकेट चलने की बात सामने आ रही है। जिसके तार राजस्थान से लेकर दिल्ली तथा ओडिशा तक फैले हुए हैं। पुलिस इस मामले की तह तक जाने के प्रयास में जुटी है। वैसे प्रारंभिक सूचना के अनुसार दूसरे परीक्षार्थी के नाम पर परीक्षा देने के मामले में दस लाख रुपये की डील होने की बात सामने आ रही है।

हालांकि पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। उल्लेखनीय है कि गत छह मई को शहर के तीन केंद्रों में नीट की प्रवेश परीक्षा हुई थी। जिसमें बासंती कॉलोनी के डीएवी पब्लिक स्कूल में भी यह केंद्र था। इस केंद्र से खोर्धा जिला के बालूगांव अंचल के सुप्रीत सव्यसाची विश्वाल के नाम पर परीक्षा देने वाले राजस्थान के समीर कुमार को गिरफ्तारी हुई थी। इस गिरफ्तारी के बाद इस गोरखधंधे से जुडी एक के बाद एक परतें खुलने लगी है। पुलिस की ओर से गिरफ्तार परीक्षार्थी से हुई पूछताछ के बाद इससे जु़ड़े कई खुलासे होने की सूचना है।

इसके मुताबिक इस परीक्षा में शामिल नकली परीक्षार्थी के लिए राजस्थान से दिल्ली तक ट्रेन टिकट तथा वहां से एयर एशिया की फ्लाइट में रांची तक टिकट की व्यवस्था हुई थी। इस नकली परीक्षार्थी के साथ कुल तीन लोग रांची से ट्रेन में गत पांच मई की शाम राउरकेला पहुंचे थे। अगले दिन छह मई को राजस्थान कोटे से इस परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले ओडिशा के खोर्धा जिले के बालूगांव अंचल के सुप्रीत सव्यसाची विश्वाल के नाम पर परीक्षा देनेवाले राजस्थान के समीर कुमार को गिरफ्तार किया गया था। जिसे दिल्ली से किसी संजय कुमार ने भेजा था।

 नेता की धौंस व नकली परीक्षार्थी की सेवा में लगी कार की तलाश: रांची से ट्रेन से राउरकेला पहुंचने के बाद संबलपुर के नंबर की एक कार नीट के नकली परीक्षार्थी समेत अन्य दो की सेवा में लगी थी। इस कार में इन तीनों को राउरकेला की सैर कराने के बाद शहर के एक होटल में बगैर आइडी प्रूफ के ठहराया गया था। जिसमें होटल में बगैर आइडी प्रूफ के रूम देने के लिए शहर के एक नेता के नाम का धौंस भी जताया गया था। पुलिस संबलपुर के नंबर की सफेद कार के साथ-साथ नेता के नाम की धौंस देने वाले व्यक्ति की तलाश में भी जुटी है।