संसू, ब्रजराजनगर : ओडिशा की सीमा पर स्थित छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक अंतर्गत पढिगांव के एक विद्यालय में बुधवार को ओडिशा के चार महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गई। इनमें उत्कल गौरव मधुसूदन दास, उत्कल मणि गोपबंधु दास, नेताजी सुभाष चंद्र बोस तथा स्वभाव कवि गंगाधर मेहर की प्रतिमाएं शामिल हैं। इसके लिए छत्तीसगढ़ समेत ओडिशा के अनेक बुद्धिजीवियों ने पढिगांव वासियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं प्रदान की। जानकारी के अनुसार, 1882 में पढिगांव में ओड़िया माध्यम के विद्यालय की स्थापना हुई थी, जिसे बाद में छत्तीसगढ़ सरकार ने इस विद्यालय को हिदी माध्यम के विद्यालय में परिवर्तित कर दिया था। इसके बाद भी पढिगांव वासियो का ओड़िया भाषा, संस्कृति, परंपरा व पूजा पद्धति पर विश्वास बकरार रहा। इस कारण उन्होंने बुधवार को ओडिशा के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की। इस अवसर पर वंदे उत्कल जननी गीत भी गाए गए। इस पढिगांव के मुखिया जयशंकर भोई, उत्कल सम्मिलनी के क्षमासागर भोई, स्वाभिमान मंच के अध्यक्ष राधाकांत दास, वृंदावन महापात्र, मृत्युंजय मिश्र, अर्जुन चरण गुरु व वासुदेव साहू इत्यादि ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। ज्ञात हो कि इससे पूर्व 15 नवंबर 2015 को पहली बार छत्तीसगढ़ के दुमेरपाली में मधुबाबू व गोपबंधु की प्रतिमाएं स्थापित की गई थी। छत्तीसगढ़ के पढिगांव में जगन्नाथ मंदिर का रत्नमुद उत्सव संपन्न : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक अंतर्गत महानदी के किनारे बसे पढिगांव में सदियों पुराने जगन्नाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कर बुधवार को उसका रत्नमुद उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर ओडिशा के झारसुगुड़ा व बरगढ़ जिले के कई श्रद्धालु उपस्थित थे। इस अवसर पर कटक के निगमेश्वर मंदिर के बीड़ानासी आश्रम के ब्रह्मचारी सत्य चैतन्य महाराज ने अपने प्रवचन में जगन्नाथ संस्कृति पर विस्तार से प्रकाश डाला। जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन कमेटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ समेत ओडिशा के पड़ोसी जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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