संवाद सूत्र, ब्रजराजनगर : कालीनगर मैदान में जारी श्रीमद भागवत कथा के छठवे दिन कथावाचक दिव्यानंद महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए गो रक्षा के बिना देश का गौरव बढ़ना असंभव बताया। महाराज ने कहा कि आज घर-घर मे कुत्ता तो पाला जाता है लेकिन गो माता को पालना लोगों को भारी लगता है। कुछ घरों में गाय पाली जाती है तो उसको सिर्फ तब तक बांध कर रखा जाता है जब तक वह दूध देती है। अर्थात मानव मन मे गाय के प्रति श्रद्धा नही है बल्कि दूध के स्वार्थ के लिए वह उसे खिलाता पिलाता है वरना उसकी गाय लावारिस की तरह घूमती है । महाराज ने कहा कि गौरव शब्द गाय से बना है। शाम को जब गाय चर कर जंगल से लौटती है उस समय उड़ने वाली धूल से गौरव शब्द बना है। इसलिए अगर हमे देश का गौरव विश्व मे बढ़ाना है तो गाय के प्रति सम्मान दिखाते हुए देशवासियो को उसे पालने की नसीहत दी ताकि पूरा देश समृद्धि को प्राप्त कर सके। गुरुवार की कथा में एमसीएल के महाप्रबंधक मधुसूदन शर्मा, पूर्व वाचस्पति किशोर पटेल प्रमुख श्रोताओं में शामिल रहे।

Posted By: Jagran

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