संवाद सूत्र, ब्रजराजनगर : शुक्रवार को एमसीएल के ईब घाटी क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन महाप्रबंधक मधुसूदन शर्मा को सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों की वजह से 22 मई को केंद्रीय श्रमिक संगठनों की समन्वय समिति ने विरोध दिवस के रूप में मनाने का निर्णय किया है तथा 11 सूत्री मांगों को प्रधानमंत्री के समक्ष रखा है। इन मांगों में राज्यों को श्रम कानून को निलंबित रखने का आदेश वापिस लेना, 8 घंटे की बजाय 12 घंटे के कार्यदिवस की घोषणा को वपिस लेना, प्रवासी श्रमिकों को पहुंचाने की आवश्यक व्यवस्था करना, सभी के लिए खाद्यान्न की व्यवस्था, कोयला उद्योग में कमर्शियल माइनिग के निर्णय को निरस्त करना, स्वीकृत पदों को निरस्त करने के फैसले को वापिस लेना, आउट सोर्सिग कार्य में लगे मजदूरों को स्थायी करना तथा सभी असंगठित मजदूरों को नगद हस्तांतरण करने आदि मांगे शामिल की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रकाश राय तथा प्रदीप कुमार नायक, सुभाष जाली, मिथिलेश सिंह तथा इंटक के आरके षाड़ंगी, भजन बीसी आदि श्रमिक शामिल थे।

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