संवादसूत्र, ब्रजराजनगर : महानदी कोल फील्डस लिमिटेड (एमसीएल) लखनपुर क्षेत्र की खदानों के विस्तारीकरण को लेकर उबड़ा गांव के विस्थापित आंदोलन करने से कोयला उत्पादन एवं परिवहन प्रभावित हुआ है। आंदोलनकारियों की महाप्रबंधक अनिल कुमार सिंह से भी वार्ता हुई लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका है। उल्लेखनीय है कि करीब एक सप्ताह पूर्व खदानों के विस्तारीकरण का कार्य शुरू हुआ था। पहले दिन से ही ग्रामीण विरोध कर रहे हैं लेकिन खदान प्रबंधन ने अपनी सुविधा के अनुसार काम जारी रखा था। ग्रामीणों की मांग है कि जमीन गंवाने वाले तथा गांव में रहने वाले भूमिहीनों को भी विस्थापन नियमोँ के तहत सभी सुविधाएं प्रदान की जाए। हालांकि महाप्रबंधक अनिल सिंह ने ग्रामीणों से अनुरोध किया कि वे उत्पादन में खलल न डाल कर आपसी चर्चा से समस्याओं के समाधान पर जोर दें। लेकिन ग्रामीण पहले मांगे पूरी करने को लेकर अड़े हुए हैं। इससे कोयले का उत्पादन व परिवहन प्रभावित हुआ है। प्रबंधन का कहना है कि विस्थापितों की अधिकांश समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। अगर कुछ समस्याएं है भी तो आपसी तालमेल से इनका समाधान खोज लिया जाएगा। आंदोलनकारियों में उबड़ा गांव के प्रह्लाद खमारी, खिरोड साहू, इंद्रविलास सा, घनश्याम बारिक, अक्रूर साहू, एकांत सा, नारायण खमारी, किशन साहू प्रमुख शामिल हैं। एमसीएल का तर्क है कि जिस जमीन पर लखनपुर क्षेत्र की 6 नंबर क्यारी स्थित है वो सरकारी जमीन है एवम इस बाबत ग्रामवासियों का पूरा देय कंपनी द्वारा सरकार को दिया जा चुका है। भूमिहीन ग्रामवासियों की संतानों के लिए नौकरी की मांग को प्रबंधन द्वारा नियमों के अनुरूप न होने की बात कही गयी है।

Posted By: Jagran

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