संवाद सूत्र, ब्रजराजनगर : बीते बुधवार की रात गांधी चौक के समीप साईं मंदिर से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दोहरे हत्याकांड में गिरफ्तार पूर्व विधायक अनूप साय ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने शुक्रवार को इसका खुलासा किया। बताया कि करीब चार वर्ष पूर्व शहर के चक्रधरनगर थाना अंतर्गत हमीरपुर मार्ग पर एक महिला तथा एक बच्ची की लाश बरामद हुई थी। तीन साल से अधिक समय तक जांच-पड़ताल करने के बाद इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस सफल रही। दो महिलाओं की हत्या में अनूप साय जैसे प्रतिष्ठित नेता का नाम सामने आने से समस्या और जटिल हो गई थी लेकिन उन्होंने इसका पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है। बताया कि 17 मई 2016 को दो शव मिलने के बाद काफी मशक्कत के बाद उनकी शिनाख्त ब्रजराजनगर निवासी 32 वर्षीय कल्पना दास तथा उसकी 14 वर्षीय पुत्री बबली दास के रूप में हुई। बाद में मृतका का मोबाइल खंगालने पर उसका संबंध ओडिशा के हाई प्रोफाइल व्यक्ति अनूप साय से पाया गया। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिसों को भी अनूप ने दरकिनार कर दिया तब उसे गिरफ्तार करके लाना पड़ा। अतिरिक्त एसपी अभिषेक वर्मा एवं सीएसपी अविनाश ठाकुर की लंबी पूछताछ के बाद आरोपित ने बाध्य होकर हत्या की बात कबूली।

पत्नी-बेटी नजर आती थी कल्पना और बबली : पुलिस के सामने अनूप साय ने बताया कि सन 2004-05 में कल्पना दास को उसका पति सुनील श्रीवास्तव ने छोड़ दिया था तब उसके पिता ने कल्पना एवं उसकी बच्ची को मेरे हवाले कर दिया था। कहा कि मुझे कल्पना में अपनी पत्नी तथा बबली में अपनी पुत्री नजर आती थी। उसने बबली का दाखिला भुवनेश्वर के संत जेवियर्स इंग्लिश मीडियम स्कूल में अपनी पुत्री के तौर पर कराया था।

सारी सुविधाएं देने के बाद ब्लैकमेलिंग पर उतर आयी : वह कल्पना के साथ पति पत्नी के तौर पर भुवनेश्वर में रहता था। सारी सुविधाएं देने के बाबजूद कल्पना ब्लैकमेलिंग पर उतर आई। उसने शादी का दबाव बनाने के साथ ही भुवनेश्वर के मकान को उसके नाम करने की जिद पकड़ ली। मैंने समझाया कि मैं शादीशुदा हूं एवं मेरे बच्चे है फिर भी वह नहीं मानी।

मंदिर में शादी करने के बहाने रायगढ़ ले गया : ऐसी स्थिति में पांच मई 2016 को दोनों को लाकर झारसुगुड़ा के मेघदूत होटल में रुकवाया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत रात नौ बजे वह चालक बर्मन टोप्पो के साथ बोलेरो में रायगढ़ के लिए निकल गया। कल्पना को बताया गया कि रायगढ़ में मंदिर में शादी करेंगे।

पहचान छिपाने शवों को कई बार गाड़ी से कुचला : कहा कि उसके बाद हमीरपुर रोड पर दोनों को बोलेरो से उतारकर लोहे की रॉड से मारकर हत्या कर दी और दोनों के शव को कच्ची सड़क पर फेंक दिया। साथ ही उसके इशारे पर ड्राइवर बर्मन टोप्पो ने कई बार बोलेरो को दोनों की लाशों के ऊपर से गुजारा ताकि इनकी पहचान न हो सके। अनूप साय के कबूलनामे के बाद पुलिस द्वारा उससे आगे की पूछताछ जारी है।

ज्ञात हो कि अनूप साय तीन बार ओडिशा विधानसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। बाद में बीजू जनता दल में शामिल होकर फिलहाल राज्य भंडारण निगम के अध्यक्ष थे। इस घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने के साथ बीजद से भी निकाल दिया है।

Posted By: Jagran

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