संवाद सूत्र, झारसुगुड़ा : सरकारी योजनाओं में अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। महात्मा गांधी निश्चित ग्रामीण रोजगार योजना, कोलाबीरा वन विभाग की सोशल ऑडिट में पौधरोपण के नाम पर लाखों रुपये की हेराफेरी किए जाने का खुलासा हुआ है।

मनरेगा कार्य की सोशल ऑडिट में पतरापाली चौक से हलकाडीपा तक सडक के दोनों किनारे कोलाबीरा वन विभाग द्वारा बीते वर्ष दस लाख रुपये की लागत से 2500 पौधे लगाऐ गये थे। लेकिन इस काम में नियोजित श्रमिक व रघुनाथपाली के सरपंच द्वारा एक भी पेड़ नहीं लगाने का आरोप लगाया गया है। बताया कि विभाग की ओर से केवल दिखावे के नाम पर गिनती के पौधे ही लगाऐ गये थे। एक दो माह ही इनकी देखरेख की गई। वर्तमान इस मार्ग के दोनो ओर एक भी पौधा नजर नहीं आ रहा है। वन विभाग केवल मस्टर रोल में ही फर्जी तरीके से इंट्री कर पौधरोपण दर्शाया है। इस पूरे घोटाले मे विभाग द्वारा करीब सात लाख रुपये का गबन करने आरोप लगाया गया है। हालांकि सोशल ऑडिट बैठक में मौजूद महिला वनरक्षी ने आरोप को निराधार बताया। कहा कि विभाग की ओर से योजना के तहत पूरे पौधे लगाये गये हैं। सभी आरोप सुनने के बाद जिला सोशल आडिटर तूफान नायक व नोडल आफिसर दिप्तीलता बारिक ने जिस सडक के दोनो ओर पौधे लगाये गये थे मौका मुआयना करने पर एक भी पौधा नहीं लगाए जाने की बाम सामने आयी। ग्रामीणों ने इसकी उचित जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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