जासं, भुवनेश्वर : दिन-प्रतिदिन राज्य में साइबर अपराध बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए कुशल अधिकारियों के साथ ही आधारभूमि विकास की जरूरत है। अत्याधुनिक तकनीक से कदमताल करने से साइबर अपराध पर अंकुश लगेगा। यह बात पुलिस महानिदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने क्राइमब्रांच की ओर से पुलिस भवन में आयोजित साइबर क्राइम कार्यशाला में मंगलवार को बतौर मुख्य अतिथि कही।

डॉ. शर्मा ने कहा राज्य में हर दिन ऑनलाइन बैंकिंग, शॉपिंग, विभिन्न एप, मोबाइल नंबर एवं सोशल मीडिया का प्रयोग कर लोगों की ठगी की जा रही है। कभी बैंक खाता को हैक कर, कभी एटीएम का प्रयोग व कभी फोन काल के जरिए ठगी की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य में कटक, संबलपुर, राउरकेला एवं बरहमपुर में साइबर थाना है, जो साइब अपराध को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। भुवनेश्वर, बालेश्वर, जाजपुर में बहुत जल्द साइबर थाना खोला जाएगा। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। शर्मा ने अत्याधुनिक तकनीक के साथ ताल से ताल मिलाकर काम करने की जरूरत बताई। कहा कि इसके लिए समय-समय पर पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को विशेषज्ञों द्वारा साइबर क्राइम पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके बाद कार्यशाला में दिल्ली से आए साइबर क्राइम विशेष इशान सिन्हा ने 70 से अधिक आइपीएसस्तर के अधिकारियों से लेकर एसआइ स्तर के पदाधिकारियों को साइबर क्राइम से निपटने के तौर-तरीके बताए। कार्यशाला में एडीजी संतोष उपाध्याय, आइजी (क्राइम) अरुण बोथरा, आइजी (खुफिया) घनश्याम उपाध्याय, एसटीएफ डीआइजी हिमांशु लाल, एसपी (क्राइमब्रांच) राजेश पंडित, एसपी (एसटीएफ) सत्यजीत नायक के साथ कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।

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