कटक, जेएनएन। ओडिशा के बरगढ़ जिला पुलिस का खौफनाक चेहरा सामने आया है। जिला अंतर्गत वेडेन थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस पर दो महिलाओं को अगवा कर दुष्कर्म के बाद हत्या करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने इस मामले में बरगढ़ के एसपी, वेडेन थाना अधिकारी, जिलाधीश, डीजीपी, गृह सचिव आदि को भी दोषी बताते हुए इनके खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। महिला की शिकायत पर हाईकोर्ट में मामला दायर कर लिया गया है।

गुरुवार को हाईकोर्ट पहुंची वेडेन थाना अंतर्गत रूपापल्ली गांव की सस्मिता मलिक ने बताया है कि 23 दिसंबर 2016 को पुलिस गांव की गीता मलिक, रेवती मलिक एवं झरना महानंद को गिरफ्तारी दस्तावेज में हस्ताक्षर करने के लिए वेडेन थाना ला रही थी। थाना पहुंचने से पहले रास्ते में ही इन तीनों महिलाओं के साथ कुछ पुलिस वालों ने दुष्कर्म करने के बाद स्थानीय असामाजिक लोगों के हवाले कर चले गए।

इन असामाजिक लोगों के बीच 8 दिन रहने के बाद गीता मलिक, जोकि उसकी देवरानी है, इनके चंगुल से भागकर घर पहुंची और आपबीती परिवार को बताया। सस्मिता ने अन्य दो महिलाओं की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। बताया है कि इसके बाद उसके पति गणेश मलिक ने इस संबंध में 6 मई 2017 को बरगढ़ के एसपी से लेकर जिलाधीश, डीजीपी, गृह सचिव को जानकारी दी। लेकिन पुलिस ने एफआइआर दर्ज नहीं किया। बाद में उसके पति पर असमाजिक लोगों ने हमला किया।

गणेश मलिक एवं क्षीरेश्वर भुए पंचायत दफ्तर से लौट रहे थे तभी असामाजिक लोगों ने इन दोनों पर हमला किया। सूचना पाकर पुलिस पहुंची और दोनों को थाना ले गई तथा घायल क्षीरेश्वर को इलाज के लिए अस्पताल भेजा एवं गणेश को फिर से अपराधियों के हवाले कर दिया। तभी से गणेश मलिक लापता है। घटना के बाद से दो महिला झरना महानंद, रेवती मलिक समेत गणेश मलिक कहां हैं, किसी को कुछ भी पता नहीं है। ऐसे में सस्मिता ने पति की हत्या कर दिए जाने का भी आरोप लगाया है।