जासं, कटक : छात्र-छात्राओं में पढ़ने की लगन एवं आत्मविश्वास जरूरी है। कड़ी मेहनत करने से सफलता अवश्य प्राप्त होगी। यह बात सुप्रीमकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एएम खानविलकर ने राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय के छठे समावर्तन उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि कही।

जस्टिस खानविलकर ने कहा कि देश के 62 राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में से कटक का राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय दूसरे स्थान पर है। इसी के चलते नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल ने इस विश्वविद्यालय को ए ग्रेड की मान्यता दी है। यहां के अध्यापक, कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के चलते विदेशों में भी इस विश्वविद्यालय के विद्यार्थी नाम कमा कर रहे हैं। विश्वविद्यालय में ट्रेनी पारालीगल का एक विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है, जोकि देश के किसी अन्य विश्वविद्यालय में शुरू नहीं हुआ है। यही इस विश्वविद्यालय की खासियत होने की बात जस्टिस खानविलकर ने कही। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति व हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस केएस जावेरी इस समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल रहे। कुलपति प्रोफेसर कृष्णा देवाराव की अध्यक्षता में आयोजित इस उत्सव में 20 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, 152 छात्र-छात्राओं में से 2 को पीएचडी स्कॉलर, 41 को एएलएलएम, 50 को बीए एलएएलएम एवं 59 को बीबीए एएलएएलएम की डिग्री प्रदान किया गया। इस उत्सव में ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायाधीश, वरिष्ठ वकील शामिल थे। अंत में विश्वविद्यालय के योगेश प्रताप सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

Posted By: Jagran

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