जागरण संवाददाता, कटक

बालेश्वर जिला में हुई महिला न्यायाधीश अनुपमा बेहेरा की हत्या के मामले में कटक जिला एवं दौराजज की अदालत ने बुधवार को दो लोगों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर और उन्हें एक साल और जेल में रहना होगा। बहुचर्चित इस मामले में दोनों अभियुक्त ज्योतिरंजन महांती एवं प्रियरंजन महांती भाई हैं।

घटना क्रम के मुताबिक अनुपमा बेहेरा बालेश्वर जिला जज कोर्ट में प्रोसेस इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थीं। तरक्की मिलने के बाद एक सप्ताह के अंदर वे कोरापुट में नए सब जज के तौर पर योगदान देने वाली थीं। इससे पहले 15 मार्च वर्ष 2013 को बालेश्वर जज कॉलोनी स्थित सरकारी आवास में उन्हें मृत पाया गया था।

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर घटना की छानबीन शुरू की। इस दौरान दो भाई ज्योतिरंजन एवं प्रियरंजन महांती के इस मामले में संलिप्त होने का सुराग मिला। जांच में अनुपमा एवं ज्योति के बीच करीबी संबंध होने का भी खुलासा हुआ। इसी के चलते ज्योति के घर में विवाद हुआ था और प्रियरंजन ने भाई के साथ मिलकर अनुपमा की हत्या कर दी। उस समय अनुपमा के पति पुरी में डॉक्टर के तौर पर काम करते थे। इसके चलते अनुपमा वहां पर अकेली रहती थीं। इसके बाद पुलिस ने 17 मार्च 2013 को दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर कोर्ट चालान किया। पुलिस ने दोनों भाई ज्योति एवं प्रिय के खिलाफ का धारा 302, 120बी सहित सबूत मिटाने जैसे संगीन आरोप लगाए।

मामले की सुनवाई बालेश्वर की निचली अदालत में चल रही थी कि दोनों भाई ज्योति एवं प्रिय ने मामले की सुनवाई बालेश्वर के बाहर भुवनेश्वर या कटक में कराने के लिए एक याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। इसमें दर्शाया गया था कि मृतक बालेश्वर कोर्ट में न्यायिक अधिकारी थी और वहां पर काम करने वाले तमाम न्यायिक अधिकारी उनके सहकर्मचारी हैं। ऐसे में मामले में सही न्याय नहीं हो सकेगा। इस पर हाईकोर्ट ने मामले को कटक जिला एवं दौरा जज की अदालत में कराने की इजाजत दे दी। इसके बाद से इस मामले की सुनवाई कटक जिला एवं दौरा जज कोर्ट में हो रही थी। इस घटना में तमाम गवाह एवं सबूत को ध्यान में रखते हुए कटक जिला एवं दौरा जज अदालत ने बुधवार को दोनों भाइयों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट में मौजूद अनुपमा के भाई अमीय रंजन बेहेरा ने फैसले का स्वागत किया। वहीं, सजायाफ्ता ज्योतिरंजन एवं प्रियरंजन के वकील जगबंधु पंडा के मुताबिक इस फैसला को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी।

Posted By: Jagran