जागरण संवाददाता, कटक : नगर स्थित शहीद भवन में विश्वनाथ पसायत की 107वीं जयंती मनायी गई। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारत के लोकपाल व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष ने कहा कि विश्वनाथ पसायत की सोच, युवा समाज के लिए अनुकरणीय है। वह हमेशा आम लोग व समाज के निचले स्तर पर रहने वाले लोगों के लिए काम करते थे। उनकी सोच व आदर्श को अगर हम अपनाएं तो देश का विकास हो सकेगा।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सीके प्रसाद ने वक्ता के तौर पर कहा की मानवीय अधिकार की सुरक्षा में मीडिया की भूमिका अहम है। मानवीय अधिकार की सुरक्षा में मीडिया हमेशा अहम भूमिका निभाता आया है। उन्होंने कहा कि विश्व में दो समय पर मानवीय अधिकार को ठेस लगने वाली घटना हुई जिसने बाद में दुनिया की राजनीति को बदल दिया। एक घटना दक्षिण अफ्रीका में मोहनदास करम चंद गांधी के साथ हुई थी जब उन्हें रेल से धक्का मार कर बाहर निकाल दिया गया और वहीं से अहिसा आंदोलन शुरू हुआ। तब से पूरा विश्व महात्मा गांधी को अनूठा व्यक्तित्व ठहराया। दूसरी घटना थी, अमेरिका में एक बस से एक काले रंग की महिला को धक्का मार कर बाहर निकाल दिया गया। उसी घटने को लेकर काला गोरा भेदभाव आंदोलन शुरू हुआ था जिसकी अगुवाई माíटन लूथर किग ने किया था। शहर में अगर किसी व्यक्ति के मानवीय अधिकार पर ठेस पहुंचती है तो गणमाध्यम तुरंत वहां पर पहुंच जाता है लेकिन आज भी गांव में मानवीय अधिकार पर ठेस पहुंचने वाली घटनाएं घट रही हैं जो कि मीडिया में नहीं आ पाती हैं। ऐसे में उस दिशा में गणमाध्यम को आगे आने के लिए उन्होंने आह्वान किया। इस मौके पर ओडिशा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपालकृष्ण महांती, भारतीय बार काउंसिल के पूर्व सदस्य व वकील देवी प्रसाद धल ने अपने विचार रखे।

विश्वनाथ स्मृति कमेटी के अध्यक्ष व वरिष्ठ वकील विजय कृष्ण महांती की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में वरिष्ठ वकील जगन्नाथ पटनायक ने स्वागत भाषण दिया। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कान्हू चरण लेंका, एवं डॉ. प्रतिभा कानूनगो को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जस्टिस अर्जित पसायत समेत हाईकोर्ट के न्यायाधीश, पूर्व न्यायाधीश, वकील, गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को ही राज्य के कानून मंत्री प्रताप जेना, हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजू पंडा ने क्रिमिनल को‌र्ट्स बार एसोसिएशन परिसर में विश्वनाथ प्रसाद के नाम पर विश्वनाथ प्रसाद मेमोरियल लाइब्रेरी का भी उद्घाटन किया था। इस मौके पर काफी संख्या में वकील मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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