जासं, कटक : आजाद भारत में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने की आजादी है। व्यक्ति के पास यह अहम अधिकार है। हालांकि विभिन्न देश की सुरक्षा एवं अखंडता जैसे मामले में व्यक्ति के बोलने की आजादी पर पाबंदी लगायी जाती है। इसकी सुरक्षा का विशेष दायित्व वकीलों के पास होने की बात आंध्र प्रदेश के राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने कही है।

ओडिशा बार एसोसिएशन की ओर से कटक में आयोजित बोलने की आजादी विषयक परिचर्चा में राज्यपाल ने कहा कि बोलने की आजादी एवं व्यक्ति की आजादी पर ठेस पहुंचने के बाद कोई व्यक्ति न्यायालय पहुंचता है, ऐसे में मामलों का बोझ बढ़ जाता है। वकील एवं न्यायिक विभाग के बीच तालमेल होने से यह बोझ कम हो सकता है। खासकर ओडिशा में ऐसा होता है तो एक रिकार्ड होगा।

मुख्य वक्ता ओडिशा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश डॉ. दुर्गा प्रसन्न चौधरी, एडवोकेट जनरल अशोक परिजा, सहकारी सालीसीटर जनरल अनूप कुमार बोस सम्मानित अतिथि के तौर पर अपने विचार रखे। इस मौके पर विभिन्न बार एसोसिएशन की तरफ से आंध्र प्रदेश के राज्यपाल को सम्मानित किया गया।

Posted By: Jagran

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