जेएनएन, कटक : वकीलों के आंदोलन को लेकर हाईकोर्ट की पूर्ण खंडपीठ ने राज्य के कुल 68 बार एसोसिएशन को नोटिस जारी किया था। इसी आधार पर सोमवार को लगभग सभी बार एसोसिएशन के सदस्य हाईकोर्ट में हाजिर हुए। सुनवाई के दौरान विभिन्न बार संघ की ओर से कोर्ट बार एसोसिएशन, राज्य बार काउंसिल की ओर से वरिष्ठ अभिवक्ताओं ने अदालत में पक्ष रखा एवं विभिन्न बार एसोसिएशन की तरफ से अदालत में जवाब दाखिल किया। साथ ही मामले की सुनवाई व जवाब के लिए 4 सप्ताह की मोहलत मांगी। इस दौरान सरकारी वकील एवं बार एसोसिएशन की ओर से पेश वरीय अधिवक्ताओं के बीच बहस छिड़ी। सबका पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट की पूर्ण खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई को 4 नवंबर तक टाल दिया है।

उल्लेखनीय है कि ओडिशा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सहित राज्यभर के बार एसोसिएशन विभिन्न समय पर आंदोलन पर उतर रहे हैं। इसके चलते विचार कार्य पर असर पड़ता है। कई दिनों तक अदालतों में विचार कार्य ठप हो जाने से मुवक्किलों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी के मद्देनजर हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल की ओर से मामला दायर किया गया था। इसकी सुनवाई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश समेत कुल 14 सदस्यों वाली पूर्ण खंडपीठ द्वारा की गई। मामले की प्राथमिक सुनवाई के तौर पर पूर्ण खंडपीठ ने ओडिशा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन समेत राज्य के विभिन्न बार एसोसिएशन, स्टेट बार काउंसिल, भारतीय बार काउंसिल, कानून विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव, डीजीपी आदि को पक्ष बनाते हुए नोटिस जारी कर 21 अक्टूबर को अपना पक्ष रखने को कहा गया था। इसी के तहत सोमवार को तमाम पक्ष अदालत में हाजिर हुए थे।

Posted By: Jagran

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