कटक, जेएनएन। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के पूर्व मंत्री जयनारायण मिश्र को बनबिरा गोलीबारी मामले में हाईकोर्ट ने मंगलवार को सशर्त जमानत दे दी है। मिश्र  को 50-50 हजार रुपये के दो जमानतदार देने होंगे। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि निचली अदालत की बिना इजाजत के वह राज्य के बाहर नहीं जा सकेंगे। 

मिश्र पर 22 फरवरी 2018 को बीजेपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान तत्कालीन मंत्री सुशांत सिंह के भाई सुब्रत सिंह एवं उनके अन्य सहयोगियों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा था। इस मामले 15 मार्च 2018 को पद्मपुर के एसडीपीओ लक्ष्मीनारायण पंडा ने संबलपुर से उनके समर्थक शिवकुमार दीवान के साथ उनकी गिरफ्तारी की थी। जयनारायण मिश्र को सोहेला कारागार में रखा गया था जहां उनकी तबीयत बिगड़ने पर बुर्ला, भुवनेश्वर और दिल्ली में उनका उपचार कराया गया। 

जानकारी के मुताबिक उक्त घटना में दिलेश्वर साहू नामक एक बीजद कार्यकर्ता की मौत हो गई थी। बीजद के लोगों ने घटना स्थल पर गोलीबारी करने का आरोप आया था। निचली अदालत में जमानत याचिका खारिज होने के बाद

वह जमानत के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाए थे।

इस याचिका पर हाईकोर्ट में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने राय को सुरक्षित रख लिया था, जिसे मंगलवार को घोषित किया गया है। घोषित राय में उन्हें सशर्त जमानत मिली है। ठीक उसी तरह पिपिली के पूर्व

कांग्रेस विधायक युधिष्ठिर सामन्तराय एवं उनके बेटे प्रियव्रत सामन्तराय को भी एक आपराधिक मामले में हाईकोर्ट से मंगलवार को सशर्त जमानत मिली है।

Posted By: Babita