कटक, जेएनएन। पुरी स्थित श्रीमंदिर रत्न भंडार की चाबी गायब होने की घटना ने करोड़ों जगन्नाथ भक्तों के मन को ठेस पहुंचाई है। राज्य सरकार की लापरवाही के चलते यह घटना घटी है। ऐसे में भाजपा इस मुद्दे को लेकर सूबे में घर-घर जाएगी और लोगों को अवगत कराएगी। हर एक जिला एवं सब डिवीजन स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। राज्य एवं राज्य बाहर के तमाम जगन्नाथ मंदिरों में दीप प्रज्वलन किया जाएगा।

आगामी एक सप्ताह के अन्दर राज्य में मौजूद सभी 612 थानों में राज्य सरकार के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाएगी। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता वकील पीतांबर आचार्य ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कही। आचार्य ने कहा कि श्रीमंदिर संचालन एवं अनुशासन मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को लापरवाही की कड़ी समालोचना की है। रत्न भंडार की चाबी गुम होने की घटना की न्यायिक जांच घोषणा कर राज्य सरकार इस मुद्दे से सभी का ध्यान बांटना चाहती है।

लोगों की भावना से जुड़े इस गंभीर मसले पर आचार्य ने मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। कहा कि राज्य में विभिन्न मुद्दों को लेकर 18 साल में 28 आयोग बनाए गए लेकिन किसी भी तरह का फायदा नहीं हुआ है। हाल ही में सरकार ने श्रीमंदिर की अनुशासन व्यवस्था को सुधारने के लिए जस्टिस बीपी दास आयोग का गठन किया और उसे आधे में ही बंद कर दिया। आयोग की सिफारिश को भी लागू नहीं किया गया। श्रीमंदिर के नियम के तहत दानपात्र के तमाम सोने चांदी के जेवरात को श्रीमंदिर के रत्न भंडार में रखा जाना चाहिए, मगर उसे स्टेट बैंक के लॉकर में रखा जा रहा है। श्रीमंदिर प्रशासन को बैंक लॉकर में रखने के लिए किसने इजाजत दी है, आचार्य ने सवाल खड़ा किया है। प्रेसवार्ता में वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप मलिक भी उपस्थित रहे।