संवादसूत्र, कटक : ओडिशा में प्रशासकीय व्यवस्था राम भरोसे चल रही है। इसका जीता जागता उदाहरण नगर के टांगी थाना क्षेत्र में सामने आया है। यहां एक बेटे को अस्पताल में मां का निधन होने के बाद शव वाहन नहीं मिला और उसे मां का शव कंधे पर लेकर करीब एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। हालांकि एक किमी जाने के बाद शववाहन पहुंच गया और शव को गाड़ी में रखकर ले जाया गया।

टांगी थाना क्षेत्र के जरिपड़ा पंचायत अंतर्गत पइगुआं गांव के खिरोद मलिक की मां रमा मलिक की तबीयत खराब होने से टांगी अस्पताल में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान सोमवार की रात करीब आठ बजे उनकी मौत हो गई। मां की मृत्यु के बाद मलिक ने शववाहन को फोन किया। रात 8 बजे से 11 बजे तक शव को अस्पताल के बाहर रखकर इंतजार करने के बाद जब शववाहन नहीं आया तो मलिक मां के शव को कंधे पर रखकर अपने घर के लिए चल दिया। हालांकि करीब एक किलोमीटर जाने के बाद शववाहन आ गया और शव को गाड़ी में रखकर उसके घर छोड़ दिया गया। इस दौरान मलिक द्वारा शव को कंधे पर लेकर जाने का कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में डाल दिया है, जिसके वायरल होने के बाद लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लोगों का कहना है कि सरकार ने शववाहन गाड़ी किस लिए और किसके लिए चलायी है। यदि गाड़ी समय पर नहीं पहुंचेगी तो फिर इस योजना का क्या मतलब है।

Posted By: Jagran