जासं, भुवनेश्वर : कलिग इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिग साइंसेस (कीम्स) की तरफ से शुक्रवार को मानसिक तनाव पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि मानसिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठान, कटक के निदेशक डॉ. शारदा प्रसन्न स्वांई ने कहा कि समाज में जिस प्रकार से मानसिक तनावग्रस्त जैसी बीमारी बढ़ रही है उसके निराकरण के लिए जागरूकता बहुत ही जरूरी है। इस तरह की बीमारी को नियंत्रित करने के लिए नर्स की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में नर्स को इसके लिए विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। मानसिक तनाव में रहने वाले मरीजों की काउंसिलिंग एवं विभिन्न जगहों पर खोले गए केंद्र में उन्हें उपयुक्त सेवा दिए जाने के उद्देश्य को लेकर आयोजित इस कार्यशाला में नर्सिग निदेशक डॉ. सुशील कुमार कर ने मानसिक तनावग्रस्त मरीजों के इलाज के क्षेत्र में डॉक्टरों की भूमिका से अधिक नर्स की भूमिका पर जोर दिया। कीट विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हृषिकेश महांती, कीम्स मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष मेजर जनरल डॉ. पीके पटनायक, संचालन प्रतिनिधि पंचानन परिड़ा प्रमुख उपस्थित रहकर अपने-अपने विचार रखे।

Posted By: Jagran

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