जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर : निजी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की मनमानी पर नियंत्रण का मन सरकार ने बना लिया है। पिछले कुछ सालों से अंग्रेजी माध्यम स्कूलों द्वारा हर साल स्कूल फी बढ़ाना एक नियमित क्रम बन गया है। अभिभावकों द्वारा बार-बार आपत्ति जताए जाने के बावजूद निजी स्कूल अपनी मनमानी करते आ रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल निजी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की ओर से 10 से 15 प्रतिशत तक शुल्क बढ़ाया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए विद्यालय व गणशिक्षा विभाग ने निजी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के फी मुद्दे पर एक 8 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी 2 बार बैठक कर मसले के विभिन्न बिंदुओं पर विचार कर चुकी है। कमेटी ने निजी स्कूलों, अभिभावकों, छात्र-छात्रा परिचालन कमेटियों व शिक्षकों की राय जानने के उद्देश्य से ई मेल पर सुझाव आमंत्रित किया है। सरकार ने कमेटी से 15 जून तक रिपोर्ट देने को कहा है।

सूत्रों की मानें तो निजी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को दो वर्ग में बांट कर बड़े स्कूलों के लिए अलग एवं छोटे तथा मझोले स्कूलों के लिए अलग शुल्क की व्यवस्था कराई जाएगी। सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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आशा है इससे निजी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की मनमानी पर अंकुश लग पाएगा। सरकार ने कमेटी से 15 तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सरकार की इस पहल से तमाम अभिभावकों को राहत मिलेगी।

सुदर्शन दास, अध्यक्ष, अभिभावक संघ, ओडिशा

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