भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता, समाज में भाईचारा बढ़ाने के लिए कविता एक उत्तम माध्यम है। कविता के जरिए शांति एवं खुशी आ सकती है। कविता पूरी दुनिया में बदलाव ला सकती है। यह बात उपराष्ट्रपति बेंकैया नायडू ने रविवार को यहां कही है। कीट विश्व विद्यालय में आयोजित विश्व कवि महाकुंभ के समापन समारोह में भाग लेते हुए उपराष्ट्रपति ने अपने भाषण की शुरुआत ओडिआ भाषा से की।

उन्होंने कहा कि ओडिशा जैसे सुंदर एवं ऐतिहासिक राज्य में आकर मुझे बहुत ही खुशी हो रही है। आध्यात्मिकता के क्षेत्र में ओडिशा का स्वतंत्र स्थान है। विश्व कवि सम्मेलन में शामिल होकर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हैं। मैं कवि तो नहीं हूं, मगर मेरे हृदय में कविता वास करती है। इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि शांतिपूर्ण समाज के लिए कविता जरूरी है और समाज में भाईचारा बढ़ाने के लिए कविता एक उत्तम माध्यम है। पूरी दुनिया एक परिवार है। एक समय भारत विश्व का गुरु था। पूरी दुनिया के छात्र-छात्रा यहां आकर नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन करते थे। कविता के जरिए पूरी दुनिया में परिवर्तन लाया जा सकता है। साहित्य, कला एवं नृत्य के जरिए मन को शांति एवं खुशी मिलती है। परंपरा एवं मूल्यबोध को बचाए रखने के लिए उपराष्ट्रपति ने युवा वर्ग से इस अवसर पर आह्वान किया।

कार्यक्रम खत्म होने के बाद उपराष्ट्रपति राजभवन पहुंचे। यहां पर उन्होंने कुछ समय तक विश्राम किया और फिर अपरान्ह में वह कटक में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रवाना हो गए। कटक में कार्यक्रम खत्म करने के बाद उपराष्ट्रपति भुवनेश्वर एयरपोर्ट से पुन: दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

इससे पहले उपराष्ट्रपति के भुवनेश्वर पहुंचने के बाद भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर ओडिशा के राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल एवं मुख्यमंत्री नवीन पटनयाक ने भव्य स्वागत किया। 

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Posted By: Sachin Mishra

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