विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

वेदांता झारसुगुड़ा में विदेशी तर्ज पर विकसित करेगा एल्युमिनियम पार्क; 1500 लोगों को मिलेगा रोजगार

Published: Sun, 12 Apr 2026 05:02 AM (IST)

वेदांता एल्युमिनियम ने झारसुगुड़ा में प्रस्तावित एल्युमिनियम पार्क के लिए सिंघल स्टील एंड पावर और स्काटएलमेटकन के साथ समझौता किया ...और पढ़ें

झारसुगुड़ा में प्रस्तावित 'एल्युमिनियमपार्क' के लिए दो प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता करते पदाधिकारी।

झारसुगुड़ा में प्रस्तावित 'एल्युमिनियमपार्क' के लिए दो प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता करते पदाधिकारी।

HighLights

  1. वेदांता ने झारसुगुड़ा में एल्युमिनियम पार्क के लिए समझौता किया।

  2. ओडिशा को वैश्विक एल्युमिनियम हब बनाने का लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के औद्योगिक परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ते हुए वेदांता एल्यूमिनियम ने झारसुगुड़ा में प्रस्तावित 'एल्युमिनियम पार्क' के लिए दो प्रमुख कंपनियों के साथ रणनीतिक समझौता (MoU) किया है। इस पहल का उद्देश्य डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम उद्योगों को गति देना और राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश व रोजगार सुनिश्चित करना है।
 

500 करोड़ का होगा निवेश 

वेदांता ने सिंघल स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड और स्काटएलमेटकन प्राइवेट लिमिटेड के साथ हाथ मिलाया है। भुवनेश्वर में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम में इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

  •     विशाल क्षेत्र: यह पार्क करीब 56 एकड़ में फैला होगा।
  •     बड़ा निवेश: परियोजना के तहत 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने की संभावना है।
  •     रोजगार के अवसर: इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 1500 युवाओं को रोजगार मिलेगा।


झारसुगुड़ा बनेगा विश्वस्तरीय औद्योगिक केंद्र

राज्य के उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वांई ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल ओडिशा को औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक मजबूत करेगी। उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा ने इसे राज्य की 'वैल्यू चेन' को सशक्त बनाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचे से उद्योगों को एक प्रतिस्पर्धी और अनुकूल माहौल प्राप्त होगा।
 

प्राइमरी से 'वैल्यू एडेड' की ओर कदम

वेदांता एल्युमिनियम के सीईओ राजीव कुमार ने स्पष्ट किया कि कंपनी अब केवल प्राथमिक उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि 'वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग' पर ध्यान केंद्रित कर रही है। 
 
इससे स्थानीय एमएसएमई (MSME) और उद्यमियों के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे। वेदांता झारसुगुड़ा के सीईओ सी. चंद्रु ने इस पार्क को क्षेत्रीय विकास और उद्यमिता के लिए मील का पत्थर बताया।
 

लागत में कमी और वैश्विक पहचान

इस एल्युमिनियम पार्क को विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स लागत घटाने और ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency) बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह परियोजना न केवल उत्पादन समय घटाएगी, बल्कि ओडिशा को दुनिया के 'एल्युमिनियम हब' के रूप में स्थापित करने में भी सहायक होगी।