भुवनेश्वर, जेएनएन। मालकानगिरी जिले के खइरपुट ब्लाक अन्तर्गत कुडुमुलुगुम्मा पंचायत डाबूगुड़ा गांव के एक आदिवासी परिवार ने नक्सलियों के डर से अपना गांव व घर छोड़ दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक माओवादी नेता राकेश पिछले 28 अगस्त को पुलिस के एनकाउंटर में मारा गया था। इस एनकाउंटर के पीछे इस परिवार का हाथ होने का संदेह प्रकट कर कुछ दिन पहले 50 से अधिक नक्सली गांव में पहुंचे और उक्त परिवार के घरों में तोड़फोड़ करने के साथ प्रजा कोर्ट में उन्हें गांव छोड़ने का फरमान जारी किया था। यहां तक कि उन्हें फसल काटने से भी मना कर दिया था। इसी भय से एक परिवार के 6 सदस्य आज अपने गांव को छोड़कर अन्यत्र कहीं चले गए हैं। इस परिवार में कुल 6 सदस्य हैं। इनमें एक बच्चा भी शामिल है। 

परिवार के सदस्यों ने इस संदर्भ में मुदलीपड़ा थाना में शिकायत दर्ज कराने के साथ पुलिस अधीक्षक से परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है। यहां उल्लेखनीय है कि नक्सलियों के भय एवं धमकी मिलने के बाद अब तक इस गांव के लगभग 100 लोग अपना घर छोड़ने की बात सामने आयी है। पुलिस मामला दर्ज करने के बाद घटना की छानबीन कर रही है।

परिवार के मुखिया सुरेन्द्र शामा के मुताबिक उन्हे माओवादियों की ओर से धमकी दी जा चुकी है कि अगर वह गांव नहीं छोड़ते हैं तो उन्हे सपरिवार मृत्युदंड दिया जाएगा। सामा के मुताबिक सारा परिवार इस समय कुडुमुल्लु गांव में एक सम्बन्धी के घर पर ठहरे हुए हैं।

माओवादियों का कहना है कि इसके लिए सामा जिम्मेदार है। क्योंकि वह पुलिस की मुखबरी कर रहा था। मिली जानकारी के अनुसार माओवादियों ने उनका घर तोड़ डाला हैं। माओवादियां ने उन्हे अपनी फसल नहीं काटने की चातावनी दी है। यह फसल गावं वालों में वितरित की जाएगी। उसी तरह दो माह पहले महुपदर के एक परिवार को माआवादियां की धमकी मिलने के बाद वह इस समय गांव छोड़कर माथिली में रह रहे हैं।

मामले के बारे में मालकानागिरी एसपी  ने कहा है कि पुलिस की ओर से परिवार को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। एसपी के मुताबिक सुरक्षाबल की ओर से इलाके में सर्च अपरेान जारी है। खुफिया विभाग को भी इस परिवार पर आने वाले खतरों पर नजर रखने के लिए कहा गया है।

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