भुवनेश्वर, जेएनएन। केंद्रापड़ा जिला अंतर्गत महाकालपड़ा थाना में चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए लाए गए आरोपित की संदिग्ध मौत को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अविनाश का पीट पीट कर मार डाला। जबकि पुलिस का कहना है कि आरोपित ने थाना से फरार होने के बाद आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया।

लोगों ने घटना के विरोध एवं मृतक के परिजनों को मुआवजा व पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर टायर जलाकर घंटों सड़क जाम किया। इस बीच थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही परिजनों को मुआवजा व मृतक की पत्नी को होमगार्ड की नौकरी देने का आश्वासन मिलने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। खबर के मुताबिक मार्शाघाई थाना अंतर्गत बालणा गांव के अविनाश पाइटाल उर्फ मुषा को महाकालपड़ा पुलिस शनिवार की रात चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए पकड़कर थाना ले गई थी।

रविवार को थाना से कुछ दूरी पर स्थित एक निर्माणाधीन मकान से उसका शव बरामद किया गया। इसके बाद महाकालपड़ा थाना एवं अविनाश के गांव बालणा में पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़क उठा। अविनाश के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी पीट पीट कर हत्या कर दी और खुद बचने के लिए निर्माणाधीन मकान में शव ले जाकर टांग दिया। पैर में घाव के निशान इसके प्रमाण हैं। उत्तेजित लोगों ने मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपया मुआवजा, परिवार के किसी एक सदस्य को होमगार्ड में नौकरी देने की मांग करते हुए मार्शाघाई-जम्मू मुख्य मार्ग को बालणा चौक के पास टायर जलाकर जाम कर दिया।

इससे सड़क की दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में प्रशान की ओर से मृतक की पत्नी को होमगार्ड की नौकरी, दो लाख 10 हजार रुपया मुआवजा एवं महाकालपड़ा थाना अधिकारी श्यामघन बेहेरा के खिलाफ मामला दायर करने का आश्वासन मिलने के बाद गांव वालों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया। इस बीच पुलिस महानिदेशक डा. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा के आदेश पर थाना प्रभारी बेहेरा को निलंबित कर कटक केंद्रांचल आइजी कार्यालय में तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा मामले में संलिप्त अन्य पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।