भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। देश के करीबन 80 प्रतिशत पेट्रोल पंप को सौरचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। अन्तर्राष्ट्रीय सौर आलियंस (आईएसए) की तरफ से आयोजित विश्व सौर तकनीकी सम्मेलन (डब्ल्यूएसटीएस) में यह बात केन्द्र मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कही है। केन्द्र मंत्री ने कहा है कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन रहने वाले 5 राष्ट्रीय उद्योग जैसे ओएनजीसी, आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल एवं गेल कार्पोरेट की सहभागिता के तौर पर आईएसए के समन्वय जलवायु कार्यक्रम (आईएसए-सीआईएसए) में शामिल होगा। 

 भारत एवं अन्य देश में सौर आधारित प्रोजेक्ट के कार्यकारिता में नए अन्वेषण करने की दिशा में भारत की तेल एवं गैस कंपनियां आइएएस के साथ संयुक्त तौर पर काम करेगी। देश की तेल एवं गैस कंपनियां पूरे देश में विभिन्न क्षेत्र में सौर पैनल स्थापित करने के लिए काम कर रही हैं। वर्तमान 270 मेगावाट (एमडब्ल्यू) क्षमता विशिष्ट सौर शक्ति स्थापित की जाएगी। देश भर में इंडियन आयल के 5 हजार से अधिक पेट्रोल स्टेशनों को पिछले साल ही सौरचालित किया गया था।

 केन्द्र मंत्री ने कहा है कि भारतीय तेल एवं गैस कंपनियां स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। देश में अक्षय ऊर्जा, जैव इंधन, हाइड्रोजन जैसी हरित ऊर्जा प्रयोग की दिशा में ध्यान दिया जा रहा है। भारत सरकार इस पर ध्यान दे रही है। 30 नवम्बर 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं तत्कालीन फ्रांस के राष्ट्रपति के द्वारा पेरिस में संयुक्त रूप से राष्ट्र संघ के जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में शुभारंभ होने के दिन से ही आईएसए अब तक काफी तेजी से काम कर रहा है। 

   प्रधान ने कहा है कि पूरे देश में केवल सौर ऊर्जा चालित टेक्नोलाजी उपलब्ध करा देने से काम नहीं चलेगा बल्कि सामान्य लोगों के लिए सुलभता के लिए काम करना होगा। इस सम्मेलन इसी दिशा पर विस्तार से चर्चा की गई है। आईएसए के दूरदृष्टि से गरीबों को सुलभ सौर शक्ति के उपलब्ध कराने की जरूरत है।

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