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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Naba Kishore Das: आरोपित गोपाल कृष्‍ण ने बतौर कॉन्‍स्‍टेबल की थी करियर की शुरुआत, इस खतरनाक बीमारी का है शिकार

By Arijita SenEdited By: Arijita Sen
Published: Mon, 30 Jan 2023 11:15 AM (IST)

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री नव किशोर दास पर गोली चलाने वाले आरोपित एएसआइ गोपाल कृष्‍ण दास के परिवारवालों का कहना है कि ...और पढ़ें

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री नव किशोर दास और आरोपित एएसआई गोपाल दास की फाइल फोटो
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री नव किशोर दास और आरोपित एएसआई गोपाल दास की फाइल फोटो

संसू, झारसुगुड़ा। रविवार को दोपहर करीब 12.15 बजे ब्रजराजनगर के गांधी चौक के पास स्वास्थ्य मंत्री नव किशोर दास पर एएसआई गोपाल कृष्ण दास ने सामने से गोली मारी थी। उस वक्त बेलपहाड के हितेश ठक्कर व मनोरंजन पांडे स्वास्थ्य मंत्री के एकदम बगल में खड़े थे। घटना के विषय में मनोरंजन ने बताया कि जैसे ही दादा (मंत्री नवकिशोर दास) कार से उतरे तभी एक जोर की आवाज आई। हमने सोचा की शायद पटाखा उछल कर दादा को लग गया होगा। तभी दादा पीछे उलट गए। उनके सीने में खून देख कर हम हड़बड़ा गए।

आरोपित को पकड़ने के बाद भी उसने चलाईं गोलियां

मैं और हितेश सहित अन्य ने मिलकर दादा को उठाया तो वह निढाल थे। तब हमें पता लगा की एएसआइ ने सामने से गोली मारी है। मैंने तुरंत एएसआइ को पकड़ा तो उसने दो तीन राउंड और फायरिंग की। मगर किसी को गोली नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने एएसआइ को धर दबोचा। वहीं, पास ही खड़े हितेश ठक्कर ने बताया कि हम तो अचंभित रह गये कुछ देर तक तो हमें कुछ समझ ही नहीं आया। फिर जब बात सामने आई तो हमने दादा को उनके पीए व अन्य लोगों के साथ उठा कर जिला अस्पताल पहुंचाया।

एएसआइ गोपाल दास 12 साल से झारसुगुड़ा में पदस्‍थ

बताया जा रहा है कि राज्य के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री नवकिशोर दास पर अपने सर्विस रिवॉल्वर से गोली चलाकर रक्षक से भक्षक बनने वाला पुलिस एएसआई गोपालकृष्ण दास पिछले करीब बारह वर्षों से झारसुगुड़ा जिला में पदस्थ था और वर्तमान में वह ब्रजराजनगर थाना अंतर्गत गांधी चौक पुलिस चौकी में प्रभारी एएसआई था। गोपालकृष्ण दास मूलत: गंजाम जिला के ब्रह्मपुर का रहने वाला है। ब्रह्मपुर में उसकी पत्नी जयंती दास अपने बच्चों के साथ रहती है।

पुलिस कॉन्‍स्‍टेबल के रूप में की थी करियर की शुरुआत

मिली जानकारी के मुताबिक, गोपालकृष्ण पुलिस कांस्टेबल के रुप में अपना नौकरी जीवन शुरु किया था और बारह वर्ष पहले उसे पदोन्नति देकर एएसआई बनाया गया था। तब से वह झारसुगुड़ा जिला में पदस्थ था। सूबे में इस सनसनीखेज घटना के बाद उसके परिवार और उसका इलाज करने वाले डॉक्टर का कहना है कि एएसआई गोपालकृष्ण बायपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित है और दवा खा रहा था। अब बड़ा सवाल यह है कि अगर वह मानसिक रोगग्रस्त था तो उसे नौकरी में कैसे रखा गया था।

पत्‍नी ने कहा पति की ठीक नहीं मानसिक स्थिति

गोपाल दास की पत्नी जयंती दास ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसके लिए वह दवा ले रहे थे। वह ब्लड प्रेशर की दवाएं भी ले रहे थे। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा है कि मुझे मंत्री पर गोली चलाने के बारे में कुछ नहीं पता है। मेरे पति ने सुबह वीडियो कालिंग पर लड़की से बात की थी। अचानक उन्‍होंने काम होने की बात कहकर फोन काट दिया इसलिए मेरी उनसे बात नहीं हो सकी थी।

परिवार ने कहा मंत्री से दुश्‍मनी के बारे में कुछ नहीं पता

गोपाल दास की पत्‍नी ने आगे कहा कि वह अभी चार-पांच महीने पहले घर आए थे। मुझे मंत्री के साथ उनकी दुश्मनी के बारे में कुछ भी पता नहीं है। अब मेरे बच्चे इस घटना को लेकर चिंतित हैं। इस मामले की जांच होनी चाहिए। एएसआइ गोपाल दास के बेटे मनोज कुमार दास ने भी मीडिया से कहा है कि हमें गोलीबारी के बारे में कुछ नहीं पता है। मेरे पिता लगभग आठ वर्ष से मनोरोग उपचार से गुजर रहे थे और दवा पर थे। बरहमपुर से दवाएं भेजी जा रही थीं। मैंने उनके वरिष्ठों से अनुरोध किया था कि वे मेरे पिता को छुट्टी पर छोड़ दें। हालांकि अधिकारी ने कहा कि छुट्टी खत्म होने के कारण छुट्टी नहीं दी जा सकती है।

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