संसू, भुवनेश्वर : शिक्षा के लिए सरकार हर स्तर पर सहायता की बात करते नहीं थक रही। मगर प्रदेश के छह प्रमुख स्वयंशासित कॉलेजों की मान्यता रद होना सरकार के प्रयासों पर सवाल खड़ा करता तो है ही ¨चता का विषय है। प्रतिष्ठित उत्कल विश्व विद्यालय के अधीन आने वाले भी कई कॉलेजों की मान्यता यूजीसी ने रद कर दी है। इनमें से कई कॉलेज की मान्यता तो केवल इस लिए रद हुई है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा नवीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया गया।

जिन कॉलेजों की मान्यता रद हुई है उनमें पुरी का सामंतचंद्र शेखर कॉलेज, अनुगुल सरकारी कॉलेज, ढेंकानाल कॉलेज, केंदुझर का धरणीधर कॉलेज, तालचेर कॉलेज व जगत¨सहपुर के एसवीएम कॉलेज प्रमुख हैं। इन प्रतिष्ठित कॉलेजों के स्वयंशासित कॉलेज की मान्यता रद होना स्थानीय लोगों के लिए ¨चता का विषय बना हुआ है।

सबसे चिंताजनक बात है कि इन कॉलेजों के सरकारी वेबसाइट में इन्हें स्वयंशासित कॉलेज दर्शाया जा रहा है, जबकि कई की मान्यता तो 2009-10, 2012-13 से रद हो गई है क्योंकि इनके द्वारा नवीकरण के लिए यूजीसी के समक्ष आवेदन ही नहीं किया गया है। इसके लिए बुद्धिजीवी संपृक्त कॉलेज प्रशासन सहित राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग को भी सम मात्रा में जिम्मेदार मानते हैं।

Posted By: Jagran