भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। कोरोना संक्रमण के प्रकोप को देखते हुए प्रदेश सरकार ने किसी भी प्रकार के सामूहिक कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, बावजूद इसके कुछ लोग एवं संस्थान सरकार के इस प्रतिबंध को नजरअंदाज कर सामूहिक कार्यक्रम करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही विवाह का एक सामूहिक कार्यक्रम प्रदेश के भद्रक जिले में देखने को मिला। हालांकि इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया और मंदिर में चल रहे इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम पर धावा बोल दिया। पुलिस की गाड़ी आते देख वेदी पर बैठे लगभग 20 जोड़े वर-कन्या, उनके रिश्तेदार, पुरोहित, विवाह समारोह के आयोजक सब भाग खड़े हुए। 

जानकारी के मुताबिक यह घटना ओडिशा के भद्रक जिले के वासुदेवपुर शहर में मौजूद कालीनगर यादव मैदान में मौजूद राधा-कृष्ण मंदिर में यह सामूहिक शादी समारोह चल रहा था। गौरतलब है कि विवाह समारोह के लिए शारिरिक दूरी नियम का अनुपालन करते हुए 50 लोगों को एकत्र होने की अनुमति है, मगर यहां पर एक ही साथ 20 से अधिक जोड़ों की बिना किसी अनुमति के सामूहिक विवाह समारोह चल रहा था।

लोगों की भीड़ देखने से लग रहा था मानों यहां मेला लगा हुआ है। सैकड़ों लोग शारिरिक दूरी एवं कोरोना के लिए जारी दिशा-निर्देश को बेखातिर कर एकत्र हुए थे। विवाह समारोह चल रहा था कि इसकी सूचना पुलिस को मिली। पुलिस की टीम वहां पहुंची तो सात जन्म के लिए एक दूजे का हो जाने के लिए आए दूल्हा-दुल्हन के साथ आयोजक, पुरोहित एवं वहां एकत्र हुए लोग भाग खड़े हुए, जिसकी चर्चा अब चारों तरफ हो रही है।

Posted By: Babita kashyap

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