भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। सम अस्पताल में हुए अग्निकांड एवं हाल ही में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में कड़ी टिप्पणी के बाद राज्य सरकार दमकल कानून एवं सुरक्षा पर सतर्क हो गई है। वर्ष 1993 बने दमकल कानून को कार्यकारी करने के लिए तैयार नियमावली को राज्य कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है। इस नियमावली में दमकल सेवा संबंधित कर्तव्य, उत्तरदायित्व, व्यापार एवं आवासीय स्थल मालिकों के दायित्व तथा दमकल सेवा को मिली क्षमता संबंधित 22 धाराएं शामिल हैं। राज्य कैबिनेट ने अग्नि निरोधक कानून को भी मंजूरी दे दी है। 

 

इसमें खास बात है कि कानून का सामान्य उल्लंघन होने पर भी 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है जबकि गंभीर उल्लंघन पर एक महीने से तीन महीने तक जेल की व्यवस्था है। इसके अलावा अपार्टमेंट में यदि आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था नहीं है और इससे पड़ोसी को कोई नुकसान हो रहा है तो फिर उस अपार्टमेंट में ताला लगाने का अधिकार दमकल विभाग के अधिकारियों को दिया गया है। पानी एवं बिजली संयोग काट सकते हैं।

 

इसी तरह से अग्नि सुरक्षा कानून 2017 के अनुसार बहुमंजिले आवासों (अपार्टमेंट) में अग्नि सुरक्षा सुपरवाइजर नियुक्ति को कैबिनेट ने अनिवार्य कर दिया है। सुरक्षा सुपरवाइजर नियुक्त करने का उत्तरदायित्व अपार्टमेंट के मालिक का होगा। साथ ही बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी ऐसे अग्नि सुरक्षा सुपरवाइजर नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही सरकारी निर्देश की अवहेलना करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न इलाकों में बहुतल वाले अपार्टमेंट में हुई आगजनी की घटना के बाद राज्य सरकार ने इसका संज्ञान लिया और अग्निशमन पर नया कानून लाया गया है। अग्नि सुरक्षा सुपरवाइजर नियुक्ति के साथ अग्निशमन कार्य में नियोजित कर्मचारियों को प्रशिक्षण पर भी सरकार ने जोर देने का निर्णय लिया है। प्रत्येक बहुमंजिली इमारतों को अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र हासिल करना होगा जिससे

आगजनी की घटनाओं में कमी आ सके।

 

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Posted By: Babita Kashyap

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