भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। ओडिशा के शिक्षा मंत्री समीर रंजन दास ने स्कूल लेट आने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। साथ ही, ब्लाक शिक्षा अधिकारियों को भी सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण कर लेट स्कूल पहुंचने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया है। सोमवार सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर शिक्षा मंत्री पुरी जिले के पिपिली टोलगेट को पार कर रहे थे। इसी समय दो शिक्षिका उक्त मार्ग से स्कूटी के जरिए स्कूल जा रही थी। मंत्री ने शिक्षिकाओं को देखते ही उनकी गाड़ी रुकवाई। इन शिक्षिकाओं से पूछा कि आप कौन से स्कूल में पढ़ाती हैं और इतनी देरी से क्यों स्कूल जा रही हैं। दोनों शिक्षिका मंत्री के सवाल का सही जवाब नहीं दे पाईं।

इसके बाद मंत्री ने अपनी गाड़ी लेकर इन शिक्षिकाओं के स्कूल जगन्नाथपुर पहुंचे। शिक्षा मंत्री इस स्कूल जब पहुंचे, तब समय 10 बजकर 30 मिनट हो रहा था। यहां शिक्षा मंत्री ने देखा कि बच्चे अपनी कक्षा में बैठकर पढ़ाई करने के बजाय इधर-उधर घूम रहे हैं। शिक्षक आफिस में बैठकर गप्पे मार रहे हैं। प्रिंसीपल गाड़ी लेकर बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने जब प्रिंसीपल से पूछा कि कहां जा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि सब्जी लेने। इतनी बात सुनने के बाद मंत्री एक्शन मुड में आ गए और तुरंत एक सीआरसी के साथ आठ शिक्षकों के खिलाफ कारण दर्शाओ नोटिस जारी किया। साथ ही, उनके वेतन बंद करने के लिए भी पुरी वीडीओ व पिपिली बीइओ को फोन कर निर्देश जारी किया।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मैं एक कार्यक्रम में शामिल होने पिपिली टोलगेट देकर आ रहा था। समय करीबन 10 बजकर 20 मिनट हो रहा था, इसी समय कुछ शिक्षिकाओं को रास्ते से जाते देखा। इसके बाद स्कूल जाकर देखा तो 10 बजकर 20 मिनट हो गया है और कक्षा में पढ़ाई शुरू नहीं हुई है। आफिस रूम में प्रिंसीपल व अन्य चार शिक्षक बैठ कर गप्पे मार रहे हैं। इसके बाद हमने तुरंत बीईओ को बुलाया और इन्हें कारण दर्शाओ नोटिस देने के साथ ही इनके वेतन बंद करने का निर्देश दिया है। मंत्री ने कहा कि बहुत कम स्कूलों में इस तरह की स्थिति देखने को मिलेगी। ब्लाक एजुकेशन अधिकारी को अचानक स्कूल में जाकर निरीक्षण करने के लिए निर्देश दिया है।

शिक्षा मंत्री समीर रंजन दास ने पिछले सप्ताह बालेश्वर, मयूरभंज, केंदुझर व भद्रक जिले का दौरा किया था। बालेश्वर जिले के एक स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र तीन का पहाड़ा नहीं सुना पाए थे। इसके बाद मंत्री ने तुरंत स्कूल के प्रधान शिक्षक का वेतन बंद करते हुए उन्हें कारण दर्शाओ नोटिस जारी किया। सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने को लेकर विभिन्न समय पर सवाल उठते रहे हैं। शिक्षकों की लापरवाही के कारण इस तरह की स्थिति देखी जा रही है। ऐसे में मंत्री ने ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। मंत्री के इस तरह के औचक निरीक्षण को देखने के बाद अब सरकारी स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के मन में धीरे-धीरे ही सही भय का माहौल बनने लगा है। उम्मीद की जा रही है कि इस भय के चलते सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था में सुधार आगामी दिनों में देखने को मिल सकेगा। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra