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स्मार्ट सिटी राउरकेला में 'स्मार्ट' नहीं बन पाई शिक्षा, 22 हजार से ज्यादा छात्रों पर मात्र 724 शिक्षक

Published: Thu, 07 May 2026 04:51 PM (IST)

स्मार्ट सिटी राउरकेला के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। 88 सरकारी ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, राउरकेला। स्मार्ट सिटी राउरकेला में कई स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट क्लास की सुविधाओं से लैस चमचमाते विद्यालय मौजूद हैं, लेकिन शिक्षा व्यवस्था बिल्कुल भी “स्मार्ट” नहीं बन पाई है।

सरकारी शिक्षा व्यवस्था अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है, जिसका मुख्य कारण आवश्यक संख्या में शिक्षकों की कमी है। राउरकेला में पहली से 10वीं कक्षा तक के कुल 88 सरकारी विद्यालय हैं। इनमें कुल 22 हजार 69 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। पहली से पांचवीं कक्षा तक के 23 विद्यालयों में 8 हजार 974 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

उच्च प्राथमिक स्तर (पहली से आठवीं तक) के 23 विद्यालय तथा छठी से आठवीं तक के 3 विद्यालय हैं। इसी प्रकार पहली से 10वीं तक के 22 सरकारी उच्च विद्यालय, केवल 9वीं-10वीं के लिए 3 विद्यालय, छठी से 10वीं तक का एक विद्यालय तथा 8वीं से 10वीं तक के 13 विद्यालय संचालित हो रहे हैं।

पहली से पांचवीं तक कुल 8 हजार 34 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं, जबकि छठी से आठवीं तक 7 हजार 592 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। 9वीं और 10वीं कक्षाओं में कुल लगभग 6 हजार 500 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन सभी विद्यार्थियों के लिए मात्र 724 शिक्षक-शिक्षिकाएं उपलब्ध हैं। इनमें से 380 शिक्षक उच्च विद्यालयों के लिए तथा 344 शिक्षक प्राथमिक विद्यालयों के लिए नियुक्त हैं।

सबसे चिंताजनक स्थिति छेंड सरकारी प्राथमिक विद्यालय की है, जहां एक ही कक्षा-कक्ष में बालवाटिका से लेकर पांचवीं तक के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। उनके लिए केवल दो शिक्षक हैं। यदि उनमें से एक अनुपस्थित हो जाए तो दूसरे शिक्षक को अकेले सभी कक्षाओं को संभालना पड़ता है।

ऐसी स्थिति केवल एक स्कूल की नहीं है।बसंती विद्यापीठ, कोयलागेट प्राथमिक विद्यालय, बिरजापाली दुर्गापुर, नंदपाड़ा परियोजना प्राथमिक विद्यालय सहित लगभग 14 स्कूलों में केवल दो-दो शिक्षक-शिक्षिकाओं के सहारे पढ़ाई चल रही है।

समस्या सिर्फ शिक्षकों की कमी तक सीमित नहीं है। कुछ विद्यालयों में पहली से पांचवीं तक केवल 25 से 34 बच्चे ही पढ़ रहे हैं। शिक्षकों की कमी के कारण स्मार्ट सिटी में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।