भुवनेश्वर : रेडियो दिवस के अवसर पर स्थानीय भंजकला मंडप में रेडियो मेला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि मंत्री सूर्य नारायण पात्र ने कहा कि रेडियो की मांग पिछले दिनों भी थी आज भी है और आगे भी यह अपनी पहचान बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग रेडियो को घेरे बैठे रहते थे। तत्समय रेडियो ही मनोरंजन का प्रमुख साधन हुआ करता था। आज समय बदल गया है मगर रेडियो की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। आज भी रेडियो के कार्यक्रम लोगों का मनरंजन कर रहे हैं। हालांकि टेलीवीजन आने के बाद रेडियो की महत्ता कम हुई है मगर आज भी रेडियो के दीवाने मौजूद हैं जो रेडियो के ही कार्यक्रम पसंद करते हैं। आजकल एफएम रेडियो ने मनरंजन के संसार में अपनी जगह बनानी आरंभ कर दी है। इस मौके पर मुंबई विविध भारती के सेवानिवृत्त कर्मचारी कमल शर्मा ने कहा कि रेडियो की दुनिया एक सुंदर दुनिया है। यह लोगों को जोड़े रखने में मददगार है और लोगों को बात करने की तहजीब भी सिखाती है। दो दिन चलने वाले इस मेले में कई स्टाल लगाए गये हैं जहां पुराने से पुराने रेडियो सेट के साथ अत्याधुनिक रेडियो उपलब्ध हैं।

By Jagran